देहरादून में सुगम होगा यातायात: सितंबर 2026 तक सड़कों पर उतरेंगी 100 नई बसें

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देहरादून की गतिशीलता को बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर बनने के बाद शहर में बढ़ने वाले अतिरिक्त ट्रैफिक दबाव को देखते हुए प्रशासन ने नए ट्रैफिक प्लान पर जोर दिया है। मुख्य सचिव ने परिवहन विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सितंबर 2026 तक शहर के विभिन्न रूटों पर 100 नई बसों का संचालन हर हाल में शुरू किया जाए। इससे चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आवाजाही में बड़ी सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही शहर के मुख्य इलाकों में सड़कों के चौड़ीकरण और पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए भी समय सीमा तय की गई है।

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आढ़त बाजार का चौड़ीकरण और समयबद्ध रजिस्ट्री

शहर के व्यस्त आढ़त बाजार क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों के चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए भूमि अधिग्रहण, रजिस्ट्री और मुआवजे का काम 15 मई तक पूरा करने की समय सीमा तय की गई है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ध्वस्तीकरण कार्य तुरंत शुरू करने और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं ताकि परियोजना में देरी न हो।

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अंडरग्राउंड पार्किंग और नई मंडी के लिए भूमि चयन

शहर में पार्किंग की किल्लत को देखते हुए सचिवालय और परेड ग्राउंड के पास अंडरग्राउंड पार्किंग बनाने के लिए डीपीआर तैयार करने को कहा गया है। इसके अतिरिक्त, निरंजनपुर मंडी के लिए उपयुक्त स्थान खोजने हेतु एक ‘साइट सिलेक्शन कमेटी’ बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इन कदमों से शहर के मुख्य केंद्रों पर वाहनों का जमावड़ा कम होगा और पैदल चलने वालों के लिए जगह बनेगी।

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शहर की गतिशीलता को अपग्रेड करना प्राथमिकता

बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि चारधाम यात्रा और पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच देहरादून की गतिशीलता को अपग्रेड करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्य सचिव के साथ इस बैठक में सचिव बृजेश कुमार संत, जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्हें इन योजनाओं को निर्धारित समय के भीतर लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।