उत्तराखंड के अशासकीय शिक्षकों के लिए ‘पेंच’: 2 महीने से खाली हाथ, बढ़ी आर्थिक तंगी

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देहरादून में अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले दो महीनों (मार्च माह से) से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इस समस्या को लेकर ‘अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों से मुलाकात कर जल्द भुगतान की मांग की है। दूसरी ओर, उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) में नए सचिव और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति के साथ प्रशासनिक कामकाज में बदलाव हुआ है।

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अशासकीय शिक्षकों का वेतन रुका, आर्थिक तंगी से परिवार परेशान

शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण और महामंत्री महादेव मैठाणी ने बताया कि मार्च महीने से वेतन न मिलने के कारण शिक्षकों के लिए अपने परिवार का भरण-पोषण करना और दैनिक जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने अपर शिक्षा निदेशक पदमेंद्र सकलानी से मिलकर जल्द से जल्द बजट स्वीकृत कर लंबित वेतन भुगतान की गुहार लगाई है। विभाग की ओर से इस समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया है।

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UKSSSC में नए सचिव और परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। आयोग के निवर्तमान सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल और परीक्षा नियंत्रक हिमांशु कफल्टिया के तबादले के बाद उन्हें विदाई दी गई। उनकी जगह अब एन.एस. डुंगरियाल ने नए सचिव और लक्ष्मीराज चौहान ने नए परीक्षा नियंत्रक के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। नए अधिकारियों ने आयोग की परीक्षाओं और कामकाज को पूरी पारदर्शिता और मनोयोग से आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया है।

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प्रतिनिधिमंडल में शामिल मुख्य सदस्य

वेतन की मांग को लेकर हुई इस मुलाकात में शिक्षक संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें देहरादून जिलाध्यक्ष अनिल नौटियाल, जिला मंत्री विजयपाल सिंह जगवाण, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष दिनेश डोबरियाल और महावीर सिंह मेहता शामिल थे। इन सभी ने एक स्वर में शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।

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