दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने राजधानी को दहलाने की एक बड़ी साजिश को विफल करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े दो संदिग्धों, राजवीर और विवेक बंजारा को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी दिल्ली-एनसीआर में गोलीबारी, ग्रेनेड हमले और लक्षित हत्याओं की योजना बना रहे थे। पुलिस ने इनके पास से हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये दोनों ही ग्वालियर के रहने वाले हैं और एक बड़े आतंकी नेटवर्क का हिस्सा बनकर देश की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश में थे।
ISI एजेंट और गैंगस्टरों से कनेक्शन
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी जेल में बंद संदिग्ध ISI एजेंट शहजाद भट्टी के निर्देश पर काम कर रहे थे। इनकी भर्ती ‘राणा भाई’ नाम के एक हैंडलर ने सोशल मीडिया के जरिए की थी। भट्टी ने ही राजवीर को निर्देश दिया था कि वह विवेक को हथियार लेने के लिए अहमदाबाद भेजे। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी की वजह से हथियारों की डिलीवरी सफल नहीं हो पाई और नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया।
गिरफ्तारी और बरामदगी का विवरण
पुलिस ने राजवीर को 18 अप्रैल को दिल्ली के सराय काले खां इलाके से दबोचा, जबकि विवेक को 16 अप्रैल को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया। राजवीर के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और छह कारतूस बरामद हुए हैं। डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी के अनुसार, इन आरोपियों को अलग-अलग राज्यों से हथियार जुटाने और दिल्ली में बड़ी वारदातों को अंजाम देने के निर्देश मिले थे।
नेटवर्क की तलाश जारी
यह मामला केवल इन दो लोगों तक सीमित नहीं है। पिछले साल नवंबर में भी इसी मॉड्यूल से जुड़े तीन संदिग्धों को पंजाब में ग्रेनेड हमले की साजिश रचने के आरोप में पकड़ा गया था। फिलहाल, पुलिस इस पूरे नेटवर्क की फंडिंग चेन, सोशल मीडिया हैंडलर्स और देश में सक्रिय इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है ताकि इस आतंकी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

