देहरादून के लिए 3500 करोड़ का मेगा सीवर प्लान: 4 नदी बेसिनों में बंटेंगे 100 वार्ड, बिछेगी 2750 KM लाइन

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देहरादून। राजधानी देहरादून में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी दबाव को देखते हुए जल निगम ने सीवरेज व्यवस्था को नए सिरे से संवारने का बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है। जल निगम ने दून शहर के सभी 100 वार्डों को चार मुख्य नदी बेसिनों में बांटकर 2749.56 किलोमीटर नया सीवर नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट के अनुसार इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 3500 करोड़ रुपये का बजट खर्च होने का अनुमान है।

जल निगम के नए प्लान के तहत शहर के 100 वार्डों को बिंदाल, रिस्पना, आसन और सौंग नदी बेसिन के तहत कुल 17 सीवरेज जोन में बांटा जाएगा। इसके अलावा छावनी क्षेत्र के लिए तीन अतिरिक्त जोन अलग से तैयार किए जा रहे हैं। बेसिन वार बंटवारे में सबसे ज्यादा 46 वार्ड बिंदाल बेसिन में, 30 वार्ड रिस्पना, 12 वार्ड आसन और 12 वार्ड सौंग नदी बेसिन में शामिल किए गए हैं।

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वर्तमान में देहरादून के सीवर नेटवर्क की स्थिति काफी लचर है। शहर के कुल 100 में से केवल 36 वार्ड ही पूरी तरह सीवरेज नेटवर्क से जुड़े हैं। वहीं 28 वार्डों में आंशिक नेटवर्क है और 14 वार्डों के पुराने ढांचे को पुनर्गठन की जरूरत है। इसके अलावा 22 वार्ड ऐसे हैं जो सीवरेज सुविधा से बिल्कुल बाहर हैं, जिन्हें इस योजना में प्राथमिकता पर जोड़ा जाएगा।

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता भी बढ़ाई जा रही है। वर्तमान में जाखन, सालावाला, कौलागढ़, कारगी और मोथरोवाला समेत कई जगह एसटीपी संचालित हैं। सपेरा बस्ती, दौड़वाला, नकरौदा और टपकेश्वर में नए प्लांटों का निर्माण कार्य जारी है, जिनके चालू होने पर कुल क्षमता 170.13 एमएलडी हो जाएगी।

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जल निगम के आकलन के मुताबिक देहरादून में वर्ष 2044 तक सीवर अपशिष्ट बढ़कर 239.46 एमएलडी और वर्ष 2059 तक 298.10 एमएलडी पहुंचने का अनुमान है। इसी भारी दबाव से निपटने के लिए अतिरिक्त क्षमता वाले एसटीपी और मजबूत पाइपलाइन नेटवर्क की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है।

देहरादून में सीवरेज का इतिहास 1958-59 से शुरू हुआ था, जिसके बाद 1978 और 1990 के मास्टर प्लान में इसका विस्तार किया गया। वर्ष 1999 में नगर निगम बनने के बाद से शहर का दायरा तो बढ़ा, लेकिन सीवर लाइन का ढांचा उस अनुपात में मजबूत नहीं हो सका। इसी खाई को पटाने के लिए यह नया 3500 करोड़ का प्रस्ताव लाया गया है।

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जल निगम के मुख्य अभियंता संजय सिंह ने बताया कि नए सीवरेज सिस्टम का विस्तृत खाका तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि शहर के तेजी से बढ़ते दायरे और आबादी के दबाव को देखते हुए यह योजना देहरादून को आने वाले कई दशकों तक सीवर समस्या से स्थायी राहत दिलाएगी।