कुंजापुरी मेला विवाद पर CM धामी का बड़ा बयान: कहा- ‘मैं खुद गायक मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत करूंगा’

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देहरादून। प्रसिद्ध कुंजापुरी मेले में लोकप्रिय गायक दलेर मेहंदी को मंच पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा फटकार लगाए जाने का मामला अब गर्माता जा रहा है। इस पूरे विवाद पर कड़ा संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि वह खुद गायक मीका सिंह और दलेर मेहंदी से बातचीत करेंगे। भाजपा प्रदेश कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति को संभालने के संकेत दिए हैं।

यह पूरा विवाद कुंजापुरी मेले के दौरान मंच पर तब शुरू हुआ जब कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रस्तुति में देरी और अन्य कारणों से दलेर मेहंदी को सबके सामने टोक दिया था। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ बॉलीवुड जगत में भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और यह मामला सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

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दलेर मेहंदी के समर्थन में कई बॉलीवुड कलाकारों के बयान सामने आए हैं। अभिनेता अनुपम खेर ने सोशल मीडिया पर कहा कि वह दलेर मेहंदी को 25-30 साल से जानते हैं और वे एक बड़े कलाकार हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण उन्होंने लिप्सिंग की हो, लेकिन सार्वजनिक रूप से किसी कलाकार पर इस तरह आरोप लगाना बिल्कुल उचित नहीं है।

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प्रसिद्ध अभिनेता राजपाल यादव ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि कला को खरीदा नहीं जा सकता और कला ही जीवन है जिसका सम्मान होना चाहिए। राजपाल यादव ने अपने बयान में कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था, इसलिए मंच पर किसी गायक के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करना शोभा नहीं देता।

दूसरी ओर, विवादों में घिरे कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अपनी सफाई में कहा कि उन्हें लगा था कि दलेर मेहंदी नशे में हैं, हालांकि उन्हें यह नहीं पता था कि यह किस चीज का नशा था। मंत्री ने तर्क दिया कि इतने बड़े कलाकार का तुरंत मेडिकल नहीं कराया जा सकता था, लेकिन बाद में उन्हें बताया गया कि उनकी तबीयत खराब थी।

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कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि यदि तबीयत ठीक नहीं थी तो इसकी जानकारी आयोजनकर्ताओं को पहले दी जानी चाहिए थी या कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। उनके मुताबिक कार्यक्रम के लिए 35 लाख रुपये दिए गए थे और जनप्रतिनिधि होने के नाते 45 मिनट तक प्रस्तुति न मिलने पर उन्होंने केवल स्थिति को संभाला था।