मंच पर महिला सम्मान, फोन पर भरपूर अपमान ? चकराता के कथित ऑडियो ने कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह और उनके भाई के खिलाफ खोला बीजेपी ने मोर्चा ….

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देहरादून। उत्तराखंड में महिला सम्मान को लेकर कांग्रेस की प्रस्तावित यात्रा से पहले चकराता की सियासत में एक कथित वायरल ऑडियो ने नया तूफान खड़ा कर दिया है। महिला सम्मान और न्याय की बात करने वाली कांग्रेस अब खुद भाजपा के निशाने पर है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस ऑडियो को लेकर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए हैं।

दावा किया जा रहा है कि ऑडियो में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह के भाई चमन सिंह की आवाज है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि ऑडियो में जिस तरह की भाषा सुनाई देने की बात कही जा रही है, वह कांग्रेस के महिला सम्मान और कार्यकर्ता सम्मान के दावों पर सवाल खड़े करती है।

कांग्रेस जहां महिला सम्मान को लेकर न्याय यात्रा निकालने की तैयारी में है, वहीं भाजपा ने इसी मुद्दे पर पार्टी को घेरते हुए सवाल दागने शुरू कर दिए हैं। अब सियासी बहस इस बात पर आकर टिक गई है कि मंचों से बेटियों के सम्मान की बात करने वाली राजनीति में व्यवहार की कसौटी क्या होनी चाहिए?

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14 बार विधायक बनाया, फिर कार्यकर्ताओं का यह सम्मान क्यों?

पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान ने इस मामले को लेकर कांग्रेस और प्रीतम सिंह के परिवार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चकराता की जनता ने प्रीतम सिंह के परिवार को 14 बार विधायक बनाया और लंबे समय तक राजनीतिक ताकत दी। ऐसे में यदि किसी कार्यकर्ता और उसकी दो बेटियों के प्रति अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने के आरोप सामने आते हैं, तो यह बेहद गंभीर सवाल है।

मधु चौहान ने कहा कि जनता और कार्यकर्ताओं के भरोसे से राजनीति में मुकाम हासिल करने वालों से सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वायरल ऑडियो में बालक राम को धमकाने की बात सामने आ रही है। भाजपा बालक राम के साथ खड़ी है और बेटियों का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उनके बयान के बाद चकराता में यह विवाद केवल एक ऑडियो तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कार्यकर्ताओं के सम्मान और राजनीतिक परिवारों की जवाबदेही को लेकर भी बहस तेज हो गई है।

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‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ के नारे पर भाजपा का तंज

भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने भी कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी पसंद की पार्टी का समर्थन करने का अधिकार है, लेकिन यदि किसी की राजनीतिक पसंद के कारण उसे निशाना बनाया जाता है, तो यह उचित नहीं है।

दीप्ति रावत ने कांग्रेस के ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे नारों और न्याय यात्रा की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर महिलाओं के सम्मान और न्याय की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर आरोप है कि एक व्यक्ति और उसकी बेटियों के परिवार को अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब यात्रा का उद्देश्य न्याय और सम्मान का संदेश देना है, तो उससे पहले सामने आए इस विवाद पर कांग्रेस का रुख क्या होगा? भाजपा का कहना है कि महिला सम्मान केवल नारों और राजनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि व्यवहार में भी दिखाई देना चाहिए।

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बॉबी पंवार ने भी उठाए सवाल

इस विवाद पर समाजसेवी बॉबी पंवार ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह का आचरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। बेटियों के नाम पर राजनीति करने वालों को पहले स्वयं बेटियों का सम्मान करना सीखना चाहिए।

उनकी प्रतिक्रिया से साफ है कि यह मामला अब केवल भाजपा बनाम कांग्रेस की बयानबाजी तक सीमित नहीं है। महिला सम्मान और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

यात्रा से पहले कांग्रेस के सामने असहज सवाल

चकराता में वायरल ऑडियो को लेकर बढ़ती बयानबाजी ने कांग्रेस की महिला सम्मान यात्रा से पहले राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। भाजपा इस विवाद को कांग्रेस के नारों और कथित व्यवहार के बीच विरोधाभास के तौर पर पेश कर रही है। दूसरी ओर, मामले में वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि और उसमें कही गई बातों के पूरे संदर्भ को सामने लाना भी जरूरी है।
मामले पर सीएम धामी ने ऑडियो की जाँच होने की बात कही है।