चकराता ऑडियो विवाद में फिर गरमाई सियासत! बॉबी पंवार ने फूंका प्रीतम सिंह और उनके भाइयों का पुतला, बोले—आज नहीं जागे तो कल अपने परिवार की बारी होगी!

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देहरादून। चकराता ऑडियो विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। महिला सम्मान और कथित आपत्तिजनक भाषा को लेकर शुरू हुई सियासी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बॉबी पंवार ने एक बार फिर स्थानीय विधायक प्रीतम सिंह और उनके दोनों भाइयों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए क्षेत्र में पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान बॉबी पंवार ने प्रीतम सिंह और उनके परिवार पर दबंगई करने के आरोप लगाते हुए स्थानीय लोगों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की।

चकराता में सामने आए ऑडियो विवाद के बाद कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह लगातार राजनीतिक निशाने पर हैं। अब इस मामले ने केवल एक ऑडियो तक सीमित रहने के बजाय राजनीतिक प्रतिष्ठा और क्षेत्र में सम्मान की लड़ाई का रूप लेना शुरू कर दिया है। बॉबी पंवार ने पुतला दहन के दौरान जिस अंदाज में अपनी बात रखी, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गरमा सकता है।

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आज दूसरे की बहन-बेटियों की बात है, कल अपने घर की बारी हो सकती है!

बॉबी पंवार ने अपने संबोधन में कहा कि आज कांग्रेस नेता प्रीतम सिंह के परिवार के लोगों पर क्षेत्रवासियों के साथ कथित तौर पर इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लग रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आज लोग इस तरह की भाषा और व्यवहार के खिलाफ आवाज नहीं उठाएंगे, तो कल यही स्थिति किसी दूसरे परिवार के सामने भी आ सकती है।

उन्होंने कहा कि यह समय चुप बैठने का नहीं, बल्कि जागने और अपने सम्मान के लिए खड़े होने का है। लोगों को उस दिन का इंतजार नहीं करना चाहिए, जब कथित दबंगई का सामना उनके अपने परिवार को करना पड़े। बॉबी पंवार ने अपने बयान के जरिए स्थानीय लोगों को चेताया कि किसी भी व्यक्ति या परिवार का राजनीतिक प्रभाव इतना बड़ा नहीं होना चाहिए कि आम लोग अपनी बात कहने से डरने लगें।

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पुतला दहन से बढ़ा सियासी पारा, अब आर-पार की लड़ाई के संकेत

प्रीतम सिंह और उनके दोनों भाइयों के पुतले का दहन कर बॉबी पंवार ने इस विवाद को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। नारेबाजी के जरिए उन्होंने विरोध दर्ज कराया और आरोप लगाया कि क्षेत्र में दबंगई का माहौल बनाया जा रहा है। उनके तेवरों से साफ है कि वह इस मुद्दे को आसानी से छोड़ने के मूड में नहीं हैं।

इस घटनाक्रम ने कांग्रेस की राजनीति के सामने भी असहज स्थिति पैदा कर दी है। एक तरफ कांग्रेस महिला सम्मान और महिलाओं के अधिकारों की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ चकराता ऑडियो विवाद को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, ऑडियो की प्रमाणिकता, उसकी पूरी पृष्ठभूमि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना भी जरूरी है, ताकि मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सके।

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महिला सम्मान की राजनीति में अब चकराता बना नया अखाड़ा

उत्तराखंड की राजनीति में महिला सम्मान का मुद्दा पहले से ही संवेदनशील रहा है। ऐसे में चकराता का ऑडियो विवाद राजनीतिक दलों के लिए नई चुनौती बन गया है। भाजपा और अन्य विरोधी आवाजें इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरने का अवसर तलाश रही हैं, जबकि बॉबी पंवार के लगातार विरोध प्रदर्शन ने विवाद को और हवा दे दी है।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में संबंधित पक्ष सामने आकर स्थिति स्पष्ट करेंगे या फिर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला यूं ही चलता रहेगा? फिलहाल बॉबी पंवार के पुतला दहन और उनके तीखे बयान ने चकराता की सियासत में हलचल बढ़ा दी है।