देहरादून। उत्तराखंड में बारिश थमने और सुहाने मौसम के बीच वीकेंड पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ पड़ा है। इसके चलते कुमाऊं से लेकर गढ़वाल तक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। शनिवार को मसूरी, कैंची धाम, ऋषिकेश और ज्योतिर्मठ जैसे प्रसिद्ध स्थलों पर सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात यह रहे कि गाड़ियां घंटों तक अपनी जगहों पर रेंगती नजर आईं और पुलिस के इंतजाम कम पड़ गए।
पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यटकों की भारी आमद से यातायात व्यवस्था बुरी तरह पटरी से उतर गई। माल रोड के भगत सिंह चौक, लाइब्रेरी चौक और किंग्रेग समेत कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया। यातायात की इस बदतर स्थिति के बीच एक एंबुलेंस के साथ कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी का वाहन भी जाम में फंस गया। भगत सिंह चौक के पास एंबुलेंस के फंसने से आपातकालीन सेवाओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कुमाऊं के प्रसिद्ध कैंची धाम में भी वीकेंड के मौके पर बाबा नीम करौली के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शुक्रवार से ही भीमताल से कैंची धाम तक गाड़ियों की लंबी कतारें लगी रहीं। इस भयंकर जाम के कारण अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, रानीखेत और हल्द्वानी जाने वाले यात्रियों को तीन घंटे से अधिक समय तक परेशान होना पड़ा। स्थानीय प्रशासन और पुलिस की तमाम व्यवस्थाएं इस अपार भीड़ के सामने नाकाफी साबित हुईं।

उधर, तीर्थनगरी ऋषिकेश में भी सुपर वीकेंड के चलते वाहनों का भारी दबाव देखने को मिला। स्थिति यह रही कि नेपालीफार्म से नीरगड्ड पहुंचने में पर्यटकों को ढाई घंटे से अधिक का समय लग गया। यातायात के बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को पर्वतीय क्षेत्रों से आ रहे वाहनों को डायवर्ट करना पड़ा। ब्रह्मपुरी से लक्ष्मणझूला होते हुए वाहनों को पशुलोक बैराज की तरफ भेजा गया।
गढ़वाल क्षेत्र में चारधाम यात्रा के प्रभाव और हेमकुंड साहिब यात्रा के अंतिम चरण के कारण ज्योतिर्मठ में भी ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई। ज्योतिर्मठ से विष्णुप्रयाग तक वाहन सुबह से ही जाम में फंस गए। अपराह्न के समय लगे इस भीषण जाम के कारण करीब सात किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या से यात्रा मार्गों पर दबाव काफी बढ़ गया है।
वीकेंड पर उमड़ने वाले इस जनसैलाब को संभालना पुलिस और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। हालांकि अधिकारी लगातार ट्रैफिक को सुचारू करने में जुटे हैं, लेकिन भारी संख्या के कारण राहत मिलने में वक्त लग रहा है।

