देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम अपने बेड़े को आधुनिक बनाने और यात्रियों को प्रदूषण-मुक्त सफर की सुविधा देने के लिए मैदानी रूटों पर जल्द 50 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी कर रहा है। शासन के निर्देशों के बाद रोडवेज प्रबंधन ने इसकी विस्तृत कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। इस नई पहल का सीधा फायदा देहरादून से दिल्ली और अन्य व्यस्त मैदानी मार्गों पर सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों को मिलेगा।
रोडवेज प्रबंधन इन ई-बसों के संचालन के लिए दो मुख्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। इसके तहत बसों का संचालन या तो पीपीपी मोड पर किया जाएगा या फिर रोडवेज निगम खुद ई-बसें खरीदेगा। विभाग फिलहाल दोनों मॉडलों के नफा-नुकसान और वित्तीय व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहा है, ताकि सबसे किफायती और प्रभावी व्यवस्था चुनी जा सके।
निगम की योजना के अनुसार, इन 50 आधुनिक ई-बसों को मुख्य रूप से देहरादून से दिल्ली और अन्य भारी यात्री दबाव वाले मैदानी मार्गों पर उतारा जाएगा। इससे एक ओर जहां यात्रियों को आरामदायक और आधुनिक सफर का अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
उत्तराखंड परिवहन निगम की महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए विस्तृत ड्राफ्ट तेजी से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्ययोजना को अंतिम रूप देने के बाद शीघ्र ही औपचारिक मंजूरी के लिए शासन को भेजा जाएगा।
शासन से हरी झंडी मिलते ही पहले चरण की 50 ई-बसों के अधिग्रहण और टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस कदम से उत्तराखंड में ग्रीन एनर्जी पर आधारित सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बल मिलेगा और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम होगी।

