उत्तराखंड: SIR विवाद और वोट चोरी पर आमने-सामने हुईं भाजपा- कांग्रेस

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देहरादून। उत्तराखंड में SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखे राजनीतिक बयानों के तीर चलने शुरु हो चुके हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के बीच वोट चोरी, SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी और बदरीनाथ धाम में कार्यक्रम को लेकर जबर्दस्त जुबानी जंग छिड़ी हुई है।

कांग्रेस भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से एक ही व्यक्ति द्वारा एक हजार से ज्यादा लोगों के नाम हटाने की सिफारिश की गई है। उन्होंने दावा किया कि जिन लोगों के नाम पर यह सिफारिश हुई, वे खुद एफिडेविट देकर मना कर रहे हैं।

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गोदियाल ने कहा कि एफिडेविट एक कानूनी दस्तावेज है, जिससे साफ होता है कि धांधली की गई है, लेकिन सरकार और भाजपा नेता इस पर गोलमोल जवाब दे रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने बेरोजगारी, लटकी भर्तियां, अग्निवीर योजना और अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।

बदरीनाथ धाम में हुए एक संगीत कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हुए गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस ऐसे आयोजनों का समर्थन नहीं करती। भगवान बदरीनाथ ध्यान मुद्रा में हैं, इसलिए वहां ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए।

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उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इससे पहले भी भाजपा सरकार ने केदारनाथ में लेजर शो के जरिए एक व्यक्ति को भगवान के रूप में दिखाने का प्रयास किया था, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। दूसरी ओर, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा लगाए गए वोट चोरी के आरोप अब सच साबित हो रहे हैं।

भाजपा का पलटवार: ‘हार से बौखलाई कांग्रेस’

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और SIR प्रक्रिया को लेकर राहुल गांधी के बयानों को मनगढ़ंत और राजनीतिक हताशा करार दिया।

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भट्ट ने कहा कि लगातार चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि SIR मुख्य निर्वाचन आयुक्त और आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया फैसला है, जिसे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत पूरा कानूनी अधिकार है और सुप्रीम कोर्ट भी इसे स्वीकार कर चुका है।