उत्तराखंड में 1.19 लाख युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, नई योजना मंजूर

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें उद्यमिता से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने ‘मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा कौशल संवर्धन योजना-2026’ को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नई योजना का सीधा और बड़ा लाभ राज्य के राजकीय, अशासकीय एवं निजी विश्वविद्यालयों और उनसे संबद्ध महाविद्यालयों में अध्ययनरत करीब 1.19 लाख विद्यार्थियों को मिलेगा।

धामी कैबिनेट में आए इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव के अनुसार, विद्यार्थियों को पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ वर्तमान रोजगार बाजार की मांग के अनुरूप व्यावहारिक और रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को सिर्फ नौकरी पाने के योग्य बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और खुद का नया उद्यम शुरू करने के लिए भी पूरी तरह तैयार करना है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड कांग्रेस का चुनाव आयोग पर बड़ा हमला: SIR प्रक्रिया में धांधली का आरोप, प्रक्रिया रद्द करने की मांग

इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए आगामी पांच वर्षों में लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि आज के तेजी से बदलते वैश्विक रोजगार बाजार में केवल पारंपरिक डिग्री होना काफी नहीं है, बल्कि उसके साथ तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता होना भी उतना ही आवश्यक है।

यह भी पढ़ें -  उत्तराखंड में मौसम का यू-टर्न: 8 जिलों में हल्की बारिश और आकाशीय बिजली का येलो अलर्ट जारी

योजना के तहत तैयार किए गए विशेष कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, वेब डेवलपमेंट, ड्रोन तकनीक, ब्रांड डेवलपमेंट, डिजिटल मार्केटिंग और बैंकिंग जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही, मूल्य वर्धित पाठ्यक्रम के तहत कृषि जागरूकता, मशरूम की खेती, मधुमक्खी पालन, शिल्प एवं वस्त्र, ईको-पर्यटन एवं विरासत, उद्यमिता और योग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस अनूठी पहल से विद्यार्थियों और उद्योग जगत के बीच आपसी तालमेल और बेहतर समन्वय स्थापित करने में बहुत मदद मिलेगी। उच्च शिक्षा सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम के मुताबिक, इस योजना के शुरुआती चरण में राजकीय और अनुदानित अशासकीय महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं को प्राथमिकता के आधार पर लाभान्वित किया जाएगा।

यह भी पढ़ें -  SIR पर विपक्ष को ऐतराज क्यों ? - CMधामी

पर्वतीय राज्य में शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को बढ़ावा देने के इस बड़े कदम से आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। प्रशासनिक स्तर पर इस योजना को तेजी से लागू करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, जिससे राज्य के छात्र भविष्य में अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बन सकेंगे।