देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में हुई ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि, औद्यानिकी और गन्ने की फसलों को हुए नुकसान के एवज में आपदा राहत मानकों के अंतर्गत मिलने वाली राशि के बराबर समान अतिरिक्त सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही प्रभावित अन्नदाताओं के बिजली बिल स्थगित करने और किसान क्रेडिट कार्ड ऋण अदायगी में छूट देने के लिए कदम उठाए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के बाद ओलावृष्टि से पीड़ित किसानों को सामान्य आपदा राहत की तुलना में दोगुनी आर्थिक मदद मिलेगी। यह सहायता कृषि, फल-सब्जी और गन्ना किसानों को दी जाएगी ताकि वे फसल क्षति से हुए आर्थिक संकट से उबर सकें। सरकार का मानना है कि इस अतिरिक्त वित्तीय संबल से किसानों को आगामी फसल सीजन के लिए तैयारी करने में मदद मिलेगी।
प्रभावित किसानों को तात्कालिक वित्तीय राहत देने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने उनके बिजली बिलों पर बड़ा निर्णय लिया है, जिसके तहत अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर माह के विद्युत बिलों का भुगतान पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है। सरकार के इस कदम से फसल नुकसान झेल रहे किसानों पर तुरंत आने वाला आर्थिक दबाव काफी हद तक कम हो सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को कर्ज अदायगी में राहत दिलाने के लिए भी प्रयासरत है। इसके तहत किसान क्रेडिट कार्ड ऋण की अदायगी को तीन महीने तक स्थगित करने का अनुरोध करते हुए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा। इस सिफारिश से प्रभावित किसानों को बैंकों का ऋण चुकाने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदाओं से उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में किसानों की आजीविका और कृषि गतिविधियों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार के इन फैसलों से ओलावृष्टि की मार झेल रहे हजारों किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे अपनी आजीविका को सुचारु रूप से आगे बढ़ा सकेंगे।

