रुड़की। रुड़की अंतर्गत लक्सर क्षेत्र में आगामी त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ एक बहुत बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीम ने लक्सर के सधीपुर गढ़ी इलाके में एक अवैध रूप से संचालित हो रही नकली पनीर निर्माण इकाई पर अचानक छापा मारकर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। मौके पर कार्रवाई करते हुए लगभग 10 कुंतल मिलावटी एवं हानिकारक सामग्री को पूरी तरह से नष्ट कराया गया है, जिससे क्षेत्र के मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया है।
खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडे ने प्रदेशभर के अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि त्योहारी सीजन के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ा जाए। उन्होंने इस अवैध कारोबार में शामिल दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने और की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग के इस सख्त रुख से मिलावट का काला कारोबार करने वालों की नींद उड़ गई है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की यह औचक कार्रवाई 13 अक्टूबर की मध्य रात्रि से शुरू होकर 14 अक्टूबर की सुबह तक लगातार चलती रही। इस दौरान छापेमारी करने वाली टीम को फैक्टरी के अंदर भारी मात्रा में मिलावटी पनीर और उसे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला संदिग्ध कच्चा माल बरामद हुआ। मौके की जांच में तीन कुंतल पूरी तरह तैयार नकली पनीर, छह कुंतल अर्धनिर्मित पनीर और 90 किलोग्राम रिफाइंड पामोलिन ऑयल बरामद किया गया।
इसके अतिरिक्त, फैक्टरी परिसर से पामोलिन ऑयल के खाली व भरे हुए टीन तथा स्किम्ड मिल्क पाउडर के खाली बोरे भी भारी मात्रा में बरामद किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस इकाई में पामोलिन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर का बड़े पैमाने पर खतरनाक मिश्रण करके एनालॉग पनीर तैयार किया जा रहा था। जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे इस कारखाने की सामग्री को मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर पूरी तरह नष्ट करा दिया गया।
विभाग ने इस अवैध फैक्टरी के मालिक ताजिम, निवासी सधीपुर गढ़ी, के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के सुसंगत प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। छापामारी के दौरान टीम ने मौके से खुले पनीर और पामोलिन ऑयल के दो आधिकारिक नमूने भी विधिवत रूप से भरकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेज दिए हैं। लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की और भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

