उत्तराखंड: मुख्य सचिव की दो टूक, विकास कार्यों और लंबित प्रकरणों में अनावश्यक देरी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं

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देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए सभी जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों और अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर प्रशासनिक और विकास कार्यों से जुड़े लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला स्तर पर किसी भी प्रकरण के निस्तारण में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी सीधे तौर पर संबंधित विभागाध्यक्षों से संवाद कर आ रही समस्याओं का समाधान निकालें। आवश्यकता पड़ने पर विभागीय उच्चाधिकारियों के साथ सीधा संपर्क स्थापित कर मामलों को शीघ्र अंतिम रूप दिया जाए।

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विकास कार्यों को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों से जुड़े लंबित मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन मामलों में शासन या विभाग स्तर पर नीतिगत निर्णय लिया जाना है, उनमें समयबद्ध कार्रवाई पूरी की जाए ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित अंतराल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शासन और जनपदों के बीच मजबूत और प्रभावी तालमेल से ही वर्षों से अटके मामलों का तेजी से समाधान निकल सकता है।

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गौरतलब है कि जनपदों के शासन स्तर पर लंबित प्रकरणों के समाधान के लिए प्रत्येक माह के प्रथम मंगलवार को यह विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की जाती है। बैठक में मौजूद जिलाधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि इस व्यवस्था से लंबे समय से अटके कई महत्वपूर्ण मामलों का निराकरण संभव हुआ है और प्रशासनिक कामकाज में उल्लेखनीय तेजी आई है।

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समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनाई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव नितेश कुमार झा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम,रविनाथ रमन, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनय शंकर पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल, राजेंद्र कुमार, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, कुमाऊँ कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनन्द स्वरूप सहित राज्य के सभी जिलाधिकारी उपस्थित रहे।