रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध केदारनाथ धाम में कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। इस साल अब तक 17,75,059 से अधिक तीर्थयात्री बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि 11 नवंबर को मंदिर के कपाट बंद होने हैं, ऐसे में यात्रा समापन में अभी 20 दिन शेष हैं और श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की उम्मीद है।
पिछले साल केदारनाथ धाम आने वाले तीर्थयात्रियों का आंकड़ा साढ़े सत्रह लाख रहा था, जिसे इस बार यात्रा बंद होने से पहले ही पार कर लिया गया है। मौसम अनुकूल रहने से पैदल मार्ग और हेली सेवाएं सुचारू रूप से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को काफी सहूलियत मिल रही है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि यात्रा के शेष दिनों में भी धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। हालांकि, धाम में हल्की बर्फबारी और गिरते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले मौसम की जानकारी लेने और पर्याप्त गर्म कपड़े व जरूरी दवाएं साथ रखने की अपील की है।
दूसरी ओर, बदरीनाथ धाम में भी ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की अटूट आस्था देखने को मिल रही है। धाम में हर दिन करीब आठ हजार श्रद्धालु बदरीविशाल के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। सुबह और शाम के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है, लेकिन तीर्थयात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं है।
बदरीनाथ मंदिर परिसर, तप्त कुंड, भारत के प्रथम गांव माणा और ब्रह्मकपाल जैसे प्रमुख स्थलों पर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक मास में बदरीनाथ धाम के पवित्र कुंडों में स्नान और दर्शन का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

