उत्तराखंड: केवल त्योहार ही नहीं, आम दिनों में भी बढ़ी के स्थानीय उत्पादों की जबरदस्त डिमांड

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देहरादून। उत्तराखंड में स्थानीय उत्पादों की बिक्री अब केवल त्योहारी सीजन तक सीमित नहीं रह गई है। अब सामान्य दिनों में भी लोग स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं और इनकी खरीद में लगातार इजाफा हो रहा है। स्थानीय उत्पादों की शुद्धता, आसान उपलब्धता और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे लगातार प्रोत्साहन से आम जनता की रुचि इनमें तेजी से बढ़ रही है।

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बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता इसका मुख्य कारण है। स्थानीय उत्पाद शुद्ध होने के साथ-साथ पर्यावरण के अनुकूल भी हैं, जिससे सामान्य दिनों में भी बाजार में इनकी मांग बनी हुई है।

ग्रामीण विकास विभाग की अपर सचिव झरना कामठान का कहना है कि त्योहारी सीजन में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री में तेजी आना स्वाभाविक है, लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि अब आम दिनों में भी लोग स्थानीय उत्पादों के प्रति जागरूक और उत्सुक हैं। इसके चलते ऑफ-सीजन में भी मांग बनी हुई है।

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त्योहारी सीजन में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार सजावटी सामान, पूजा सामग्री और घरेलू उपयोग की वस्तुओं की मांग कई गुना बढ़ जाती है। आने वाले दीवाली और अन्य त्योहारों को ध्यान में रखते हुए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

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सरकार द्वारा राज्य के सभी जिलों में सरस मेलों का आयोजन किया जा रहा है और जल्द ही दो बड़े राष्ट्रीय सरस मेलों का भी आयोजन होगा। इन आयोजनों के जरिए लखपति दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों की रिकॉर्ड बिक्री होने का अनुमान है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों को सीधा आर्थिक फायदा मिलेगा।