देहरादून। उत्तराखण्ड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में आगामी विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है, हालांकि सरकार की ओर से अभी सत्र की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। विधानसभा सचिवालय द्वारा गैरसैंण और देहरादून दोनों ही स्थानों पर सत्र के आयोजन को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।
इसी सिलसिले में गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी भूषण ने एक अहम मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान मुख्य रूप से आगामी विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मुलाकात के दौरान विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने विधानसभा क्षेत्र कोटद्वार के विकास कार्यों और स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कोटद्वार को गढ़वाल के प्रवेश द्वार के रूप में एक महत्वपूर्ण भौगोलिक एवं प्रशासनिक केंद्र बताया।
क्षेत्र की बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कोटद्वार को नया जिला बनाए जाने की मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष दोहराया। उनका मानना है कि इससे आम जनता को प्रशासनिक सुविधाएं और अधिक सुगमता से मिल सकेंगी।
इसके साथ ही, उन्होंने कोटद्वार में नवनिर्मित बस अड्डे और अन्य विकास योजनाओं के लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने इन सभी विषयों पर सकारात्मक चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश देने का भरोसा दिलाया है।
मीडिया से बातचीत में विधानसभा अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि सत्र कब और कहां कराना है, इस पर सरकार को निर्णय लेना है। उन्होंने बताया कि 30 अक्टूबर से पहले सत्र होना है और गैरसैंण या देहरादून में सत्र कराने के लिए विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है।

