देहरादून। देहरादून शहर में बारिश के कारण जर्जर हुई सड़कों और उनमें बने जानलेवा गड्ढों का सर्वे करने में प्रशासनिक अमले की बड़ी सुस्ती सामने आई है। जिले की 92 प्रमुख और लिंक सड़कों पर गड्ढे गिनने के लिए 46 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी, जिन्हें महज दो दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन आदेश जारी होने के 10 दिन बीत जाने के बाद भी मैदानी स्तर पर सर्वे का काम पूरी तरह पूरा नहीं हो सका है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गत 28 सितंबर को आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को दो दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। सरकार ने इन सड़कों को 15 अक्टूबर तक गड्ढा मुक्त करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, ताकि उसी आधार पर नया बजट और कार्ययोजना तैयार की जा सके। हालांकि, तय समयसीमा नजदीक होने के बावजूद सुस्त रफ्तार से रिपोर्ट भेजी जा रही है।
आपदा प्रबंधन विभाग धीरे-धीरे पहुंच रही इन तमाम रिपोर्ट्स को संकलित करने में जुटा हुआ है। अब तक केवल 36 अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है, जिसमें विभिन्न मार्गों पर कुल 401 गड्ढे मिलने की बात सामने आई है। इन क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण रोजाना हजारों वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, सबसे बदतर स्थिति कारगी चौक से मोथरोवाला रोड की है। अकेले इसी सड़क पर अधिकारियों ने 78 बड़े गड्ढे दर्ज किए हैं, जो यातायात को पूरी तरह बाधित कर रहे हैं। शुरुआती निरीक्षण में यह भी खुलासा हुआ है कि चार सड़कें पूरी तरह से तबाह हो चुकी हैं, जिनमें से कुछ पर चल रहे निर्माण कार्यों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
प्रशासनिक स्तर पर यह भी सामने आया है कि कई अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट का कोई निश्चित प्रारूप (Format) तैयार न किए जाने के कारण इसके संकलन में अड़चनें आ रही हैं। कई मामलों में अधिकारियों ने दो से तीन अक्टूबर तक का निरीक्षण अपनी रिपोर्ट में दर्शाया है। फिलहाल 46 में से 36 अधिकारियों की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन को मिल चुकी है, जबकि शेष 6 अधिकारियों की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार किया जा रहा है।

