MDDA की बड़ी कार्रवाई, आवासीय इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वाले 400 लोगों को थमाए गए नोटिस

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देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेशों के अनुपालन में राजधानी के विभिन्न आवासीय इलाकों में कमर्शियल गतिविधियां चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। प्राधिकरण की ओर से अब तक करीब 400 लोगों को आधिकारिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिससे स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के तहत ही यह दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। वर्तमान में जारी किए गए नोटिस व्यावसायिक गतिविधियों को तुरंत बंद करने की चेतावनी के रूप में हैं। यदि इसके बाद भी गतिविधियां नहीं रोकी गईं, तो प्राधिकरण संपत्तियों को सील करने और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी कर सकता है।

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एमडीडीए के इस रुख से स्थानीय व्यापारियों में गहरा आक्रोश और चिंता है। व्यापार मंडल के प्रदेश संयोजक राजेंद्र प्रसाद गोयल का कहना है कि रिहायशी इलाकों में परचून, नाई और दर्जी जैसे छोटे कारोबारी लोगों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करते हैं। अचानक दुकानें बंद कराने से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा।

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उल्लेखनीय है कि देश भर के आवासीय क्षेत्रों में अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद दिल्ली-एनसीआर और मेरठ में भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई है। इसी क्रम में अब एमडीडीए ने भी देहरादून के अलग-अलग वार्डों और मोहल्लों में सर्वे के बाद नोटिस भेजने में तेजी ला दी है।

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व्यापार मंडल ने इस मामले में आपात बैठक बुलाकर कड़ा विरोध जताया है और पूरे मुद्दे को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने का निर्णय लिया है। व्यापारियों की मांग है कि छोटे दुकानदारों को राहत देने के लिए कोई बीच का रास्ता निकाला जाए। फिलहाल सभी की नजरें सुप्रीम कोर्ट में होने वाली आगामी सुनवाई और शासन के रुख पर टिकी हैं।