देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक सम्मेलन में संबोधन के दौरान कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के समग्र विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। इस दौरान उन्होंने राज्य के युवाओं, रोजगार और विकास योजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण आंकड़ों को साझा किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में उनकी पार्टी का सिद्धांत हमेशा ‘राष्ट्र प्रथम, संगठन द्वितीय और व्यक्ति तृतीय’ का रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड की जनता राजनीतिक स्थायित्व और तेज विकास चाहती है। राज्य सरकार जन-आकांक्षाओं के अनुरूप नीतियां बनाकर प्रदेश को प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उत्तराखंड से जुड़ाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम का देवभूमि से विशेष लगाव है और वे अब तक 28 बार राज्य का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने सीमांत क्षेत्रों के विकास को नई प्राथमिकता दी है।
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि चमोली के सीमांत गांव माणा पहुंचकर पीएम मोदी ने इसे देश का अंतिम नहीं बल्कि ‘प्रथम गांव’ बताया था। इस सोच ने सीमावर्ती इलाकों के विकास के प्रति प्रशासनिक दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया है और अब इन क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़कर विकसित किया जा रहा है।
राज्य की प्रमुख उपलब्धियों का ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा पर्यटन, एडवेंचर टूरिज्म, फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में भी उत्तराखंड वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना रहा है।
युवाओं के साथ अपने जुड़ाव पर बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वे युवाओं के बीच एक मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक दोस्त की तरह जाते हैं। युवाओं से संवाद करने पर उन्हें नए विचारों, उनकी आकांक्षाओं को जानने का अवसर मिलता है, जिससे उन्हें खुद भी काम करने की नई ऊर्जा मिलती है।
सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप पारदर्शी प्रक्रिया के तहत पिछले पांच वर्षों में लगभग 35 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं, जिससे युवाओं का भरोसा बहाल हुआ है।
देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने का अभियान जारी है। राज्य में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

