उत्तराखंड में NHM कर्मचारियों के नियमितीकरण की आस तेज, मांगा गया कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड

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देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत उत्तराखंड में लंबे समय से विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे संविदा और ठेके के कर्मचारियों की नौकरी जल्द पक्की हो सकती है। राज्य सरकार इस मिशन के अंतर्गत काम कर रहे कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर बेहद गंभीर रुख अपना रही है, और इसी कड़ी में एनएचएम निदेशालय ने सभी जिलों से दस साल से कार्यरत कर्मचारियों का पूरा ब्योरा मांग लिया है। स्वास्थ्य महानिदेशालय की सहायक निदेशक डॉ. ऋतु अग्रवाल ने इस संबंध में सभी जनपदों के सीएमओ को पत्र भेजकर विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

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वर्तमान स्थिति के अनुसार, राज्य में एनएचएम के विभिन्न कार्यक्रमों के अंतर्गत लगभग 8 हजार कर्मचारी संविदा और कॉन्ट्रैक्ट पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एनएचएम मुख्यालय के साथ-साथ सीएमओ कार्यालयों और विभिन्न अस्पतालों में डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर ये स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे ये कर्मचारी लगातार नियमितीकरण, समान वेतन और उचित एचआर पॉलिसी लागू करने की मांग को लेकर आवाज उठाते रहे हैं।

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एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने का यह पूरा मामला राज्य सरकारों के प्रशासनिक दायरे के अधीन आता है। देश के कई अन्य राज्यों में भी एनएचएम कर्मचारियों को नियमित किए जाने की प्रक्रिया चल रही है, जिसे देखते हुए अब उत्तराखंड सरकार के स्तर पर भी इस दिशा में ठोस कवायद शुरू कर दी गई है। हालांकि, अभी तक नियमितीकरण का कोई अंतिम फार्मूला तय नहीं हुआ है और इस संदर्भ में आधिकारिक निर्णय लिया जाना बाकी है।

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इससे पहले, एनएचएम कर्मचारी संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मुलाकात कर अपनी इन मांगों का ज्ञापन सौंपा था। कर्मचारियों का कहना है कि वे वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन उनके हितों और भविष्य पर अब तक ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मुलाकात के दौरान कर्मचारियों की सभी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का पूरा आश्वासन दिया है।