देहरादून। दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान के साथ आज प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी बात रखेंगे। दरअसल हरीश रावत ने बीमारी से ठीक होने के बाद उत्तराखंड का दौरा किया और हरिद्वार समेत कुमाऊ मंडल के मैदानी क्षेत्र में जनसंवाद यात्रा भी निकाली और धन्यवाद यात्रा भी की।
इस यात्रा को लेकर दल के भीतर रार हुई और प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा ने हरीश रावत को यात्रा बाबत खत भेजा और उनकी यात्रा को पार्टी लाइन से हटकर ठहराया। दूसरी बात हरीश रावत इससे पहले हरिद्वार को लेकर अपने जज्बात जाहिर कर चुके हैं। माना गया कि हरीश रावत हरिद्वार जिले की किसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की मंशा जाहिर कर रहे हैं। हरीश रावत की ये बात पार्टी के भीतर किसी को नागवार गुजरी तो उनके समर्थकों को पार्टी हित में जरूरी लगी।
वहीं रामनगर के संजय नेगी की कांग्रेस जवाइनिंग में हो रही लेटलतीफी से हरीश रावत खफा हैं तो इधर खानपुर के निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के लिए कांग्रेस में रेडकार्पेट बिछाने की बैचैनी ने हरदा को और भी बेचैन कर दिया है। हरद ने सोशल मीडिया मे एक पोस्ट अपलोड की है।

पोस्ट में हरीश रावत ने अपनी नाराजगी को जाहिर करते हुए साफ कर दिया कि जिस शख्स ने 2016 में उनकी सरकार को गिराने की पटकथा लिखी उसे हीरो बनाकर पेश किया जा रहा है..जिसकी वजह से कांग्रेस पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर है उसका गुणगान किया जा रहा है। हरदा ने पोस्ट में साफ लिखा है हरिद्वार और उसके आसपास के कुछ हुडदंगिये कांग्रेसी उस शख्स की महिमा मंडित कर रहे हैं।
हरदा अपनी पोस्ट में लिखते हैं, क्योंकि उसके पास अपार दौलत है और अधिकांश दौलत का बड़ा हिस्सा 2016 में हमारी सरकार गिराने के बाद खरीदा गया है। जिस व्यक्ति ने सरकार बचाने के लिए प्राण लगाए, संघर्ष किया, वो आज उनकी नजर में विलन है और जिस व्यक्ति के कारण उत्तराखंड से 10 साल के लिए कांग्रेस की विदाई हुई, वो व्यक्ति उनके लिए आज हीरो है।
हरदा ने यूं तो किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन सूत्रों की मानी जाए तो मंगौलर विधायक और कुछ दूसरे करीबी कंग्रेसियों की ओर इशारा किया है, जो उनकी सरकार को गिराने वाले इस्ट्रूमेंट को कांग्रेस में लाने की फिराक में हैं। ये बात इसलिए भी मानी जा रही है कि जब हरीश रावत दिल्ली से उत्तराखंड में आए तो हरिद्वार में उनके समर्थकों ने बड़े जोश से उनका स्वागत किया।
उसके बाद हरीश रावत ने तत्काल अपनी सोशल मीडिया पोस्ट अपडेट की और मंगलौर में हुए स्वागत का जिक्र किया लिखा-“आपका जोश, आपका विश्वास -बदलाव की नई शुरूआत…मंगलौर में देवतुल्य कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया भव्य स्वागत दिल को छू गया। आप सभी के इस अपार स्नेह,प्यार और आशीर्वाद के लिए हृदय की गहराइयों से धन्यवाद । आपका यह जोश बता रहा है , बदलाव तय है…मंगौलर विधानसभा।“


मंगलौर में बदलाव लिखते ही हलचल मच गई..हालांकि बाद में उस पोस्ट को संसोधित भी किया गया..लेकिन अब नई पोस्ट के बाद जिस हालात का जिक्र हरीश रावत ने किया है लोग अब मंगलौर में बदलाव वाली पोस्ट को हरदा के मन की बात मान रहे हैं। हकीकत हरीश रावत ही जानते होंगे कि उस बदलाव वाली पोस्ट उन्होने किसके लिए और क्यों लिखी थी।
बहरहाल अब आगे क्या होगा सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि, क्या हरीश रावत के करीबी संजय नेगी और हरीश रावत अपनी सरकार गिराने के लिए जिस निर्दलीय विधायक को इंस्ट्रूमेंट मानते हैं उनकी कांग्रेस में ज्वाइनिंग होगी और अगर होगी तो किस शर्त पर। क्योंकि हरदा खानपुर समेत हरिद्वार की दूसरी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
वहीं सवाल ये भी है कि क्या आलाकमान हरीश रावत को उत्तराखंड में कांग्रेस के लिए उपयोगी मानते हैं और मानते हैं तो चुनावी घड़ी में बदलाव कहां कहां होगा ..और अगर हरीश रावत आलाकमान की नजर में बस एक फूंके हुए कारतूस की तरह हैं तो हरीश रावत का अगला कदम क्या होगा ?

