उत्तराखंड में वाहनों की भीड़ से निपटने के लिए परिवहन विभाग का अभिनव प्रयास, 3 महीने चलेगा ट्रायल

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देहरादून। दून शहर सहित पूरे राज्य में लगातार बढ़ती पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए परिवहन विभाग ने एक प्रभावी कदम उठाया है। बढ़ते यातायात दबाव के समाधान के लिए नए पार्किंग स्थल बनाने के साथ-साथ अब परिवहन विभाग एक विशेष ‘पार्किंग एप’ को विकसित करने में जुट गया है। इस आधुनिक एप के माध्यम से वाहन स्वामियों को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पार्किंग की सटीक जानकारी मिलेगी, जिसके आधार पर वे आसानी से अपने वाहनों को पार्क कर सकेंगे।

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राज्य में पर्यटकों की भारी आमद के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर भी वाहनों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में उचित स्थान पर वाहन पार्क करना वाहन चालकों के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। खासकर महत्वपूर्ण पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर पर्याप्त पार्किंग स्पेस न होने के कारण स्थिति और भी अधिक गंभीर हो जाती है।

पार्किंग की समुचित व्यवस्था न होने के कारण वाहन स्वामियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, और सड़कों के किनारे खड़े बेतरतीब वाहनों के कारण लंबा जाम भी लग जाता है। इसी गंभीर समस्या के स्थायी और तकनीकी समाधान के लिए परिवहन विभाग ने इस उपयोगी पार्किंग एप को विकसित करने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है।

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अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने इस योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस आगामी पार्किंग एप में प्रदेश के किसी भी शहर में स्थित पार्किंग स्थलों, उनकी कुल क्षमता और शुल्क का पूरा विवरण दर्ज होगा। इसके साथ ही, पार्किंग स्थल में वर्तमान में कितनी जगह खाली है, इसकी लाइव सूचना भी एप पर लगातार अपडेट होती रहेगी।

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इस उन्नत पार्किंग एप को पूरी तरह तैयार करने में लगभग तीन महीने का समय लगने का अनुमान है। एप के निर्माण के बाद शुरुआती चरण में अगले तीन महीनों तक देहरादून शहर में इसका ट्रायल किया जाएगा। यदि यह ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है, तो इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से राज्य के अन्य प्रमुख हिस्सों में भी लागू किया जाएगा।