उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज बुधवार को देहारदून दून मेडिकल कॉलेज के सभागार में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन के उपलक्ष में आयोजित कार्यशाला में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड महिला आयोग को कार्यशाला आयोजित करने और उन्हें अपने विचार प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करने पर धन्यवाद भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने भी बतौर मुख्य अतिथि, दून विवि की कुलपति डॉ सुरेखा डंगवाल, महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल आयोग अध्यक्ष डॉ गीता खन्ना, गीता जैन, दीप्ति रावत, रुचि भट्ट समेत अनेक गणमान्य महिलाएं उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में नारियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। आज नारी शक्ति सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थय से लेकर हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ सहभागिता निभा रही हैं और अपना परचम लहरा रही हैं। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि नारी शक्ति वंदन कानून महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा। उन्होंने कहा कि इस कानून के आने से नारी शक्ति केवल मतदान करने और अपने सुझाव देने तक ही सीमित नहीं रहेंगी बल्कि देश के नीति-निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाऐंगी।

उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने संपूर्ण जीवन में विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि पहले समय में जब अधिकांश पुरुष सेना या अन्य संस्थानों में अपनी सेवाएं देते थे तब घर-परिवार, खेती-बाड़ी और बच्चों की संपूर्ण जिम्मेदारी घर की महिलाओं के कंधो पर ही रहती थी। मुख्यमंत्री धामी ने कहा आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने हर बुनियादी और अहम सुविधा को घर-घर तक पहुंचाया है, लेकिन पहले के जमाने में बिजली, पानी और गैस जैसी सुविधाऐं नहीं हुआ करती थी और मातृशक्ति को परिवार संभालने के लिए खासा संघर्ष करना पड़ता था।
इस दौरान मुख्यमंत्री धामी ने अपने बचपन के दिनों की याद साझा करते हुए बताया कि जब वह छोटे थे तब उनकी मां भी अकेले पूरा घर संभाला करती थी। उनकी छोटी बहन भी बहुत रोया करती थी लिहाजा मुख्यमंत्री धामी की मां, उनकी छोटी बहन को पीठ पर बांधकर जंगल जाती थीं और पशुओं के लिए चारा और चूल्हा जलाने के लिए लकड़ियां लाती थीं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेरी मां की भांति ही सभीं माताओं ने इस प्रकार की चुनौतियों का सामना करा है और मैं प्रदेश की सभी माताओं को सलाम करता हूं।

