उत्तराखंड में मौसम का मिज़ाज़ चार धाम यात्रा का इम्तिहान लेने को तैयार बैठा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 16 अप्रैल से मौसम करवट ले सकता है और पहाड़ी जिलों में तेज हवा के साथ कड़कती बिजली और बारिश में दखल दे सकती है। केदारनाथ और श्रीबदरीनाथ धाम का प्रांगण अब भी बर्फ से ढका है। ठंडी बर्फ हटाने में मजदूर पसीना बहा रहे हैं। पैदल ट्रैक में पसरी बर्फ हटा दी गई है लेकिन तय है कि अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो मजदूरों की मेहनत पर पानी फिर सकता है।
दरअसल बताया जा रहा है कि, उत्तरकाशी चमोली और पिथौरागढ़ जैसे पहाड़ी जिलों में हल्की –फुल्की बारिश से तापमान का पारा लुढ़क सकता है। साथ ही पूर्वानुमान है कि 4000 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले इलाके फिर से बर्फ के आगोश में दुबक सकते हैं। 17 से 21 अप्रैल तक मौसम चहलकदमी करता रहेगा और रुद्रप्रयाग और बागेश्वर भी बारिश से भीग सकते हैं। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलने का अंदाजा भी लगाया गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने मुसाफिरों को सफर के दौरान महफूज ठिकानों में रुकने की सलाह भी दी है।
तय है कि अगर पूर्वानुमान सटीक बैठे तो सूबे के मैदानी इलाकों को भी उछलते पारे से राहत मिलेगी। बहरहाल असल सवाल है चारधाम यात्रा के शुभारंभ का क्योंकि 19 से यात्रा का आगाज होना हैं जबकि मौसम 17 से ही रुख बदलने का संकेत दे रहा है। लेकिन इतना तय है कि मैदानो की गर्मी से झुलसे हुए मुसाफिरों को चार धाम यात्रा का सफर हरिद्वार से धाम तक ठंडक भरा सुकून देगा।

