उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होते ही साइबर ठगों का गिरोह सक्रिय हो गया है, जो तीर्थयात्रियों की आस्था का फायदा उठाकर उन्हें लूटने की कोशिश कर रहा है। STF एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, यात्रा के शुरुआती दो दिनों में ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 225 फर्जी वेबसाइट्स और लिंक को ब्लॉक कर दिया है। ये ठग केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर बुकिंग, वीआईपी दर्शन और पूजा बुकिंग के नाम पर लोगों को झांसे में लेते हैं। प्रशासन ने यात्रियों को आगाह किया है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइटों का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान लिंक या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर पैसे ट्रांसफर न करें।
ठगी का तरीका: स्थानीय आईडी और फर्जी सोशल मीडिया पेज
एसटीएफ की जांच में सामने आया है कि ठग उत्तराखंड के स्थानीय लोगों के आधार कार्ड और आईडी का गलत इस्तेमाल कर खुद को ‘ट्रैवल एजेंट’ बताते हैं। ये लोग ‘पवन हंस’ और ‘केदारनाथ हेलीकॉप्टर सर्विस’ जैसे मिलते-जुलते कीवर्ड का उपयोग कर फर्जी इंस्टाग्राम पेज, व्हाट्सएप प्रोफाइल और वेबसाइट बनाते हैं, जो देखने में बिल्कुल असली लगती हैं।
एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: मोबाइल नंबर और बैंक खाते ब्लॉक
साइबर ठगी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए एसटीएफ ने इस साल अब तक 65 मोबाइल नंबर, कई व्हाट्सएप अकाउंट और 12 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। पिछले साल 2025 के पूरे सीजन में जहाँ 156 वेबसाइट और 126 बैंक खातों पर कार्रवाई हुई थी, वहीं इस साल शुरुआती दिनों में ही पुलिस ने कड़े कदम उठाए हैं। अब तक साइबर थाने में ठगी के 5 मामले दर्ज हो चुके हैं, जिनमें से एक मुकदमा पुलिस ने खुद दर्ज किया है।
सावधानी ही बचाव है
पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी बुकिंग से पहले वेबसाइट की प्रमाणिकता की जांच अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या बुकिंग के नाम पर व्यक्तिगत जानकारी और एडवांस पैसे मांगे, तो इसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। प्रशासन यात्रा को सुरक्षित और धोखाधड़ी मुक्त बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।

