हेमकुंड साहिब में कपाट बंद होने से ठीक पहले सीजन की तीसरी बर्फबारी, चारों तरफ बिछी बर्फ की सफेद चादर

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चमोली। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब में इस सीजन की तीसरी बर्फबारी दर्ज की गई है। देर रात अचानक मौसम खराब होने के बाद हुई इस बर्फबारी से पहाड़ों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है और क्षेत्र में कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में बारिश और ठंड का दौर बने रहने की संभावना जताई है।

हेमकुंड साहिब के कपाट कल यानी शनिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने की निर्धारित प्रक्रिया से ठीक एक दिन पहले हुई इस ताजा बर्फबारी ने यात्रा के अंतिम दौर को बेहद सर्द बना दिया है। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा सीजन का आखिरी चरण है, जिसमें मौसम के कड़े तेवर देखने को मिल रहे हैं।

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प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेकने पहुंचते हैं, जहां का मौसम बेहद तेजी से बदलता है। इस बार यात्रा के समापन के नजदीक पहुंचते ही लगातार मौसम में बदलाव आ रहा है। पिछले कुछ दिनों में पर्वतीय इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मैदानी क्षेत्रों में भी हल्की ठंड का अहसास होने लगा है।

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मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज इसी प्रकार बना रह सकता है। देहरादून, नैनीताल और पिथौरागढ़ समेत कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। पर्वतीय अंचलों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है।

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कल कपाट बंद होने के साथ ही हेमकुंड साहिब की इस वर्ष की तीर्थयात्रा का आधिकारिक रूप से समापन हो जाएगा। प्रशासन और यात्रा प्रबंधन से जुड़े लोग कपाट बंद होने की सभी औपचारिकताओं को पूरा करने में जुटे हुए हैं। बर्फबारी और ठंड के बीच श्रद्धालु कपाट बंद होने के ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए पहुंच रहे हैं।