हरिद्वार। हरिद्वार शहर से लगातार पांचवीं बार विधायक बने मदन कौशिक ने अपने कार्यकाल में रिकॉर्ड विधायक निधि खर्च की है, लेकिन इसके बावजूद उनके कुछ चुनावी वादे और विकास कार्य अभी भी अधूरे रह गए हैं. नगर विधायक ने वर्ष 2022 से जून 2026 के बीच अपनी कुल निधि का लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा विकास की कई प्रमुख योजनाओं पर खर्च किया है. हालांकि, इस बात को लेकर विधायक को इस बात का मलाल है कि शहर में कई वादे पूरे होने के बावजूद कुछ बुनियादी जरूरतें अब भी अधूरी हैं।
विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक के कार्यकाल के व्यय का विस्तृत ब्योरा सामने आ चुका है और पोर्टल पर उपलब्ध जून 2026 तक के विवरण के अनुसार उन्हें बतौर विधायक निधि कुल 23 करोड़ 75 लाख रुपये प्राप्त हुए थे, जिसके सापेक्ष उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को 18 करोड़ 37 लाख 50 हजार रुपये की लागत वाले कुल 269 प्रस्ताव सौंपे थे और इनमें से 17 करोड़ 98 लाख 61 हजार रुपये की लागत के 251 कार्य स्वीकृत किए गए, जबकि कार्यदायी संस्थाओं द्वारा जून तक 18.21 लाख रुपये के प्रशासनिक व्यय सहित कुल 16 करोड़ 69 लाख 92 हजार रुपये यानी कुल उपलब्ध निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा वास्तविक रूप से व्यय किया गया।
विधायक मदन कौशिक ने अपनी निधि से अनुसूचित जाति के विकास कार्यों पर भी खुलकर खर्च किया है, जिसके तहत इस मद का कुल बजट 381.90 लाख रुपये दर्ज किया गया है. उनके कार्यकाल में विधायक निधि का उपयोग मुख्य रूप से शहरी बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़ा रहा है. हालांकि, स्थानीय निवासियों का मानना है कि शहर की शिक्षा व्यवस्था और जलभराव जैसी पुरानी समस्याओं के स्थायी समाधान की दिशा में अभी और ठोस प्रयास किए जाने की आवश्यकता है।
स्थानीय शिक्षाविदों और नागरिकों का कहना है कि आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के बीच बेहतर लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं का विकास उस स्तर पर नहीं हो सका, जिसकी उम्मीद की जा रही थी. इसके अलावा, शहर के कई हिस्सों में जलभराव जैसी विकट समस्याओं का स्थायी समाधान न होना आज भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
इस पूरे राजनीतिक और विकासात्मक परिदृश्य पर स्थानीय लोगों और बुद्धिजीवियों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. राहुल चौहान का कहना है कि पांच बार के विधायक को सरकार ने यदि समय पर मंत्रिमंडल में शामिल किया होता, तो विकास कार्यों को और अधिक गति मिलती, साथ ही ड्रेनेज सिस्टम सुधारने के लिए मास्टर प्लान की जरूरत है।

