देहरादून – शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन जहां भक्त मां दुर्गा भवानी के मंदिरों में अपनी हाजिरी लगा कर मां शैलपुत्री को श्रंगार, नैवैद्य,फूल-माला की भेंट चढा रहे हैं वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और नवरात्रि के पहले दिन मेधावी बेटियों को स्मार्ट फोन की सौगात दी ।
दरअसल मौजूदा वक्त AI और गूगल सर्च इंजन का है। तालीम का पुराना तरीका बदल गया है। आज किताबे मैनुअल तो हैं ही ,डिजीटल भी हो गई हैं। जिंदगी तकनीक के दम पर बिना हांफे ही तेज रफ्तार से दौड़ रही है.. हाथ मे स्मार्ट फोन है मतलब दुनिया मुट्ठी में हैं। तकनीक तालीम का अहम हिस्सा बन गई है। जिसके बिना स्कूल कॉलेज अधूरे हैं। आलम ये है कि नर्सरी और प्राइमरी और जूनियर स्कूल के बच्चों को स्कूल से गृहकार्य भी स्मार्टफोन के जरिए उनके ग्रुप में भेजा जा रहा है। जाहिर सी बात है कि इस हालात में हाईस्कूल,इंटर और कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट फोन बेहद जरूरी हो गया है।

ऐसे दौर में स्मार्ट फोन की उपयोगिता को जानते हुए सूबे की धामी सरकार ने प्रदेश के तेरह जिलों की 149 मेधावी बेटियों को डिजिटल एजुकेशन डिवाइस के तौर पर स्मार्ट फोन वितरित किए जिनके परिवारों की माली हालात इतनी मजबूत नहीं है कि वो अपनी शानदार बेटियों को स्मार्ट फोन जैसा महंगा गजेट उनकी पढाई-लिखाई और सीखने की क्षमता को बढ़ाने के लिए खरीद सकें। ये उत्तराखंड राज्य की वो बालिकाएं हैं जिन्होने ब्लॉक स्तर पर टॉप किया है और जिनके भीतर असीम संभावनाएं छिपी हुई हैं जिन्हें सिर्फ हौंसला देने की दरकार है और तराशने भर की जरूरत।
बहरहाल इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को शारदीय नवरात्र और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई दी।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि, “आज का युग डिजिटल और साइंस-टेक्नोलॉजी का युग है। सरकार का लक्ष्य बच्चों को टेक्नोलॉजी से जोड़ना और उनकी प्रतिभा को सम्मान देना है। ये बच्चे हमारे भविष्य हैं और इनके सम्मान से अन्य बच्चों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।”
वहीं कार्यक्रम में मौजूद राज्य की महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्य ने कहा,” आज गूगल सर्च और AI के दौर में स्मार्टफोन बेहद जरूरी है। ये बालिकाएं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आती हैं, इसलिए यह उनका हक है।”
डिजिटल एजुकेशन डिवाइस वितरण समारोह में सूबे के समाज कल्याण मंत्री खजान दास भी मौजूद रहे।

