देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी स्थित दून यूनिवर्सिटी में सोमवार रात मेस के घटिया भोजन को लेकर भारी बवाल हो गया। मेस में परोसे गए खाने में कीड़ा मिलने के बाद आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने देर रात ही कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल के सरकारी आवास का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। इस घटना ने हॉस्टल में रहने वाले सैकड़ों छात्रों की सेहत और विश्वविद्यालय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
सोमवार रात मेस में भोजन करने पहुंचे छात्रों की थाली में कीड़ा दिखते ही परिसर में अफरा-तफरी मच गई। नाराज छात्र-छात्राएं तुरंत हॉस्टल से बाहर निकले और एकत्र होकर कुलपति आवास पहुंचे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि दूषित खाना खाने के बाद एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई, जिसे आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
शिकायतकर्ता छात्रा अनन्या और छात्र सागर का कहना है कि मेस में कॉकरोच और कीड़े मिलने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन से लिखित शिकायतें की गईं, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिले और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। रोजाना सैकड़ों छात्र इसी मेस के खाने पर निर्भर हैं, जिससे उनकी सेहत पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम और विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर मौके पर पहुंचे और उग्र छात्रों को समझा-बुझाकर शांत कराया। छात्रों ने मेस की रसोई और भोजन की उच्चस्तरीय जांच कराने, नियमित प्रशासनिक निगरानी सुनिश्चित करने और मेस ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।
दूसरी ओर, दून यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने छात्रों के दावों से अलग रुख अपनाते हुए खाने में कीड़ा मिलने की बात से साफ इनकार किया है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी छात्रों का रवैया अटपटा हो जाता है और कीड़ा मिलने का दावा सही नहीं है। हालांकि, स्थिति को देखते हुए उन्होंने मेस की टेंडर प्रक्रिया में जल्द बदलाव करने की बात कही है।
हॉस्टल मेस की इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं में भारी रोष व्याप्त है। एक तरफ जहां छात्र छात्रा के बीमार पड़ने और लगातार लापरवाही का दावा कर रहे हैं, वहीं प्रशासन इसे सिरे से खारिज कर रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि जांच के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

