दून पुलिस बनी मददगार: मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती को सकुशल परिजनों के किया सुपुर्द

ख़बर शेयर करें

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के कोतवाली कैंट क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस चौकी बिंदाल ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक मानसिक रूप से विक्षिप्त युवती को सकुशल उसके परिजनों तक पहुंचा दिया है। दिनांक 30 सितंबर 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि राजेंद्र नगर कौलागड़ रोड पर 18-19 साल की एक युवती लावारिस हालत में घूम रही है। मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपने बारे में कुछ भी बता पाने में पूरी तरह असमर्थ थी, जिसके बाद दून पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उसे अपनी सुपुर्दगी में लिया।

सूचना मिलते ही बिंदाल चौकी की पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित पुलिस चौकी ले आई। चौकी पर पुलिस कर्मियों ने उससे नाम और पता जानने के लिए हरसंभव प्रयास किए, लेकिन वह कोई भी उपयोगी जानकारी नहीं दे सकी। सुरक्षा और एहतियात के तौर पर बरामद युवती को पहले ‘वन स्टॉप सेंटर’ में दाखिल कराया गया, ताकि उसे सुरक्षित रखा जा सके।

यह भी पढ़ें -  रामपुर गोलीकांड बरसी: शहीद स्थल पर गूंजे शहादत के नारे, CM धामी ने अर्पित की भावपूर्ण श्रद्धांजलि

युवती के परिजनों की तलाश के लिए पुलिस ने आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का सहारा लिया। सीसीआर और विभिन्न पोर्टलों के माध्यम से उसकी सूचना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही आसपास के सीमावर्ती जनपदों की पुलिस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी युवती की जानकारी साझा की गई, जिससे उसके घर का पता लगाया जा सके।

यह भी पढ़ें -  दो दिवसीय दौरे पर देहरादून पहुंचे भाजपा प्रदेश प्रभारी राम माधव, संगठन और CM धामी के साथ करेंगे अहम बैठकें

पुलिस टीमों के लगातार और गंभीर प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया, जिसमें युवती के परिजनों के रूड़की, हरिद्वार में होने की पुख्ता जानकारी मिली। इस अहम सुराग के आधार पर देहरादून पुलिस की एक टीम रेस्क्यू की गई युवती को साथ लेकर सीधे बताए गए पते पर पहुंची। वहां परिजनों से नाम और पते की पूरी तस्दीक करने के बाद युवती को सकुशल उसके पिता के सुपुर्द कर दिया गया।

बेटी के सकुशल मिल जाने के बाद परिजनों ने पुलिस को जो जानकारी दी, उसने सभी को भावुक कर दिया। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले ही युवती की मां का देहांत हो गया था, जिसके सदमे के कारण वह मानसिक रूप से अस्वस्थ रहने लगी। मानसिक तनाव के चलते वह अक्सर बिना बताए घर से निकल जाती थी और आसपास के लोग उसे पहचानकर वापस छोड़ जाते थे।

यह भी पढ़ें -  देहरादून में जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन: देर रात शराब की दुकानों पर औचक छापेमारी, ओवररेटिंग का पर्दाफाश

इस बार वह बिना बताए घर से निकली और काफी तलाश करने के बावजूद उसका कहीं कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। परिवार वाले उसकी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित थे और लगातार उसकी खोजबीन में जुटे हुए थे। देहरादून पुलिस द्वारा समय पर की गई मदद और त्वरित कार्रवाई के कारण ही यह परिवार अपनी बेटी से दोबारा मिल सका।