देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी राम माधव का पहला दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यादगार तो रहा, लेकिन शायद उस अंदाज में नहीं, जैसा उन्होंने सोचा होगा। नए प्रदेश प्रभारी के स्वागत और उनसे मुलाकात के लिए दूर-दूर से कार्यकर्ता राजधानी देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे।
पार्टी कार्यालय में प्रदेश प्रभारी राम माधव के साथ सहप्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज की मौजूदगी में बैठक का कार्यक्रम था। लिहाजा कार्यकर्ताओं का हुजूम जुटना भी स्वाभाविक था कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि नए प्रभारी के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराएंगे, संगठन के बड़े नेताओं से मुलाकात होगी और पार्टी के कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौटेंगे।
लेकिन भीड़ बढ़ी तो कथित तौर पर कुछ असामाजिक तत्वों ने भी मौके का फायदा उठा लिया कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं को जेब कटने और वाहन से सामान चोरी होने का सामना करना पड़ा। मामला सामने आया तो पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष सतपाल चौहान की ऑल्टो K10 कार को निशाना बनाया गया।
आरोप है कि कार का शीशा पत्थर मारकर तोड़ा गया और इसके बाद वाहन में रखे सामान और नकदी पर हाथ साफ कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक पर्स से करीब 10 हजार रुपये निकाले गए, जबकि एक बैग में रखी अन्य नकदी भी चोरी होने की बात सामने आई है। यानी पार्टी मुख्यालय के बाहर कार्यकर्ता प्रभारी के स्वागत में खड़े थे और उधर किसी ने कार के शीशे को ही अपना निशाना बना डाला।
मामला यहीं नहीं रुका, कार्यक्रम में पहुंचे एक अन्य भाजपा पदाधिकारी प्रकाश आर्य की जेब से भी करीब 10 हजार रुपये गायब होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि भीड़ का फायदा उठाकर जेब पर हाथ साफ किया गया। अब सवाल सिर्फ जेब कटने और कार का शीशा टूटने का नहीं है, बल्कि उस व्यवस्था पर भी उठ रहे हैं जिसके बीच प्रदेश भाजपा के नए प्रभारी का पहला दौरा आयोजित किया गया था।
दूर-दराज से कार्यकर्ता अपने नेता से मिलने और संगठन के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। ऐसे में कार्यक्रम स्थल के आसपास सुरक्षा और वाहनों की निगरानी को लेकर सवाल उठना भी लाजिमी है। एक तरफ भाजपा में नए प्रदेश प्रभारी के आगमन को लेकर उत्साह था, कार्यकर्ता पूरी शिद्दत से अपनी मौजूदगी दर्ज कराने पहुंचे थे, तो दूसरी तरफ भीड़ के बीच किसी की जेब हल्की हो गई और किसी की कार का शीशा चकनाचूर हो गया।
अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा यही है—प्रभारी के सामने सलामी ठोकने पहुंचे थे, लेकिन लौटते वक्त जेब और गाड़ी दोनों का हिसाब लगाना पड़ गया! हालांकि भाजपा प्रदेश कार्यालय के आसपास हुई इस घटना ने प्रदेश प्रभारी के पहले दौरे की व्यवस्थाओं पर जरूर सवाल खड़े कर दिए हैं।

