उत्तराखंड: जनजातीय गौरव दिवस में 18 दिनों तक सजेगा राज्य स्तरीय मंच, मंत्री खजान दास ने दिए निर्देश

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देहरादून। उत्तराखंड में इस साल जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर 1 से 18 नवंबर 2026 तक 18 दिनों का विशेष आयोजन किया जाएगा। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने देहरादून में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर सभी कार्यक्रमों की समीक्षा की और आयोजनों को समय पर व प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।

मंत्री खजान दास ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के तहत पूरे प्रदेश में यह कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य जनजातीय समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्वतंत्रता आंदोलन में जनजातीय नायकों के योगदान को आम जनता तक पहुंचाना है। आयोजन की सबसे मुख्य कड़ी 15 नवंबर को होगी, जब भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर राज्य स्तरीय विशाल समारोह आयोजित किया जाएगा। इस मुख्य कार्यक्रम के आयोजन स्थल का चयन विभाग जल्द ही करेगा।

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1 से 18 नवंबर तक चलने वाले इस पखवाड़े में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और समाज कल्याण विभाग के सुधारों पर आधारित प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। इनमें जनजातीय विरासत और महापुरुषों के योगदान को प्रमुखता से दिखाया जाएगा। स्थानीय जनजातीय कला, संस्कृति, नृत्य, संगीत और शिल्प को बढ़ावा देने के लिए कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इसके साथ ही चित्रकला, कहानी लेखन, कविता, निबंध और लघु लेख जैसी प्रतियोगिताएं भी कराई जाएंगी।

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युवाओं को जोड़ने के लिए फोटोग्राफी, क्विज और स्लोगन प्रतियोगिताओं का भी आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पारंपरिक कला-शिल्प का प्रदर्शन और जनजातीय समाज की उपलब्धियों का सम्मान किया जाएगा। बैठक में समाज कल्याण सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अदांकी, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव और जनजाति निदेशक संजय टोलिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को आयोजन की तैयारियां जल्द पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।