देहरादून। राजधानी देहरादून में मकान, गाड़ी या अन्य किसी भी उद्देश्य के लिए लोन लेने वाले आम नागरिकों की जेब पर अब हर महीने चुकाई जाने वाली किस्त भारी पड़ने वाली है। रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के कारण फ्लोटिंग ब्याज दर वाले सभी प्रकार के कर्ज महंगे हो सकते हैं। इस आर्थिक बदलाव का सीधा असर दूनवासियों के मासिक बजट पर पड़ेगा।
लीड बैंक मैनेजर संजय भाटिया के अनुसार, वर्तमान में दूनवासियों पर कुल मिलाकर लगभग 48 हजार करोड़ रुपये का कर्ज है। अनुमान है कि रेपो रेट में इस बढ़ोतरी से दून के कर्जधारकों पर हर महीने लगभग पांच करोड़ रुपये तक का अतिरिक्त ब्याज बोझ पड़ सकता है। हालांकि, किस्त में बढ़ोतरी होना पूरी तरह से बैंक की शर्तों और लोन की ब्याज दर पर निर्भर करेगा।
तीन साल के लंबे अंतराल के बाद रेपो रेट में यह बढ़ोतरी की गई है। फिलहाल कुछ चुनिंदा बैंकों ने ही नई बढ़ी हुई दरें लागू की हैं, जबकि बाजार में प्रतिस्पर्धा के चलते कुछ बैंक पुरानी दरों पर भी कर्ज दे रहे हैं। यदि कर्ज फ्लोटिंग दर पर है, तो बैंक की शर्तों के अनुसार या तो ईएमआई बढ़ सकती है या फिर कर्ज चुकाने की अवधि बढ़ाई जा सकती है।
लीड बैंक कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, देहरादून जिले में बड़े पैमाने पर ऋण संचालित हैं। जिले में लगभग 1.20 लाख आवास ऋण, 80 हजार वाहन ऋण, 1.50 लाख व्यक्तिगत ऋण और 78 हजार एमएसएमई (MSME) ऋण खाते चल रहे हैं। इन सभी खातों पर ब्याज दरों की बढ़ोतरी का असर तभी पड़ेगा, जब संबंधित कर्जदारों का लोन फ्लोटिंग दर से जुड़ा हो।
त्योहारी सीजन यानी धनतेरस के समय देहरादून में हर साल औसतन 500 से अधिक वाहन बिकते हैं और प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री भी बड़े स्तर पर होती है। ऐसे में नया कर्ज लेने वाले ग्राहकों को ब्याज दरों और बैंक की शर्तों पर विशेष ध्यान देना होगा। सभी नए कर्ज महंगे होना जरूरी नहीं है, क्योंकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि कर्ज फिक्सड दर पर है या फ्लोटिंग दर पर।
विभिन्न कर्जों पर पड़ने वाले संभावित अतिरिक्त बोझ के ब्यौरे के अनुसार, 50 लाख रुपये के 20 वर्ष के आवास ऋण पर ब्याज दर 8.5 से बढ़कर 8.75 प्रतिशत होने पर ईएमआई करीब 719 रुपये बढ़ सकती है, जबकि 10 लाख रुपये के 5 साल के वाहन ऋण पर ब्याज दर 9.5 से 9.75 प्रतिशत होने पर किस्त में लगभग 125 रुपये की वृद्धि हो सकती है।
इसके अलावा 5 लाख रुपये के 5 साल के व्यक्तिगत ऋण पर ब्याज दर 12 से बढ़कर 12.25 प्रतिशत होने पर किस्त करीब 64 रुपये बढ़ेगी, वहीं 10 लाख रुपये के 5 साल के कारोबार ऋण पर ब्याज दर 10.50 से बढ़कर 10.75 प्रतिशत होने पर किस्त में करीब 125 रुपये तक का इजाफा हो सकता है।

