देहरादून। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत देश भर के 50 शहरों को कचरा मुक्त बनाने की महत्वाकांक्षी योजना में उत्तराखंड के देहरादून और हरिद्वार नगर निगम क्षेत्रों को शामिल कर लिया है। वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए केंद्रीय मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी सीधे दोनों नगर निगमों में कचरा निस्तारण और सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे। इस फैसले से दोनों प्रमुख शहरों की सफाई व्यवस्था और कूड़ा प्रबंधन प्रणाली में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।
योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए केंद्र सरकार की ओर से ‘स्वच्छतम पोर्टल’ पर डिजिटल समीक्षा प्रणाली तैयार की गई है। इसके तहत केंद्रीय अधिकारियों को विशिष्ट शहरों का तकनीकी मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग का जिम्मा सौंपा गया है।
नागरिकों की सहूलियत के लिए मंत्रालय ने स्वच्छता ऐप के साथ एक समर्पित व्हाट्सएप चैनल भी लॉन्च किया है। इसके जरिए स्थानीय नागरिक अपने मोबाइल से सीधे कचरे और सफाई से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत स्रोत पर ही कचरा पृथक्करण के नए दिशा-निर्देश लागू किए गए हैं।
दूसरी तरफ, उत्तराखंड के समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। मंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि 15 अक्टूबर तक देहरादून शहर की सड़कों को हर हाल में गड्ढामुक्त किया जाए। बैठक में मंत्री खजान दास ने नगर निगम की सफाई व्यवस्था, नालियों की सफाई और कूड़ा उठान में सुस्ती पर गहरा असंतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की हिदायत दी।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने विद्युत लाइनों को भूमिगत करने, चौराहों के सुंदरीकरण, मॉडल कॉलोनी निर्माण, सीवर लाइन और पेयजल कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने परेड ग्राउंड और पलटन बाजार के लंबे समय से अटके कार्यों को तुरंत पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्मार्ट सिटी और पेयजल निगम के अधिकारियों के शामिल न होने पर मंत्री ने भारी नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पूर्व सूचना के बैठक से गायब रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

