दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज सोमवार को दिल्ली में रहते हुए आपदा प्रबंधन विभाग के उच्च अधिकारियों से दूरभाष पर संपर्क साधा। उन्होंने उत्तरकाशी के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं बचाव अभियान की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि बर्फबारी के बीच फंसे सभी ट्रेकर्स और पोर्टरों की सकुशल वापसी हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी इलाकों में अचानक हुई बर्फबारी से उत्पन्न परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक पर्यटक को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाना सरकार का प्राथमिक दायित्व है। उन्होंने रेस्क्यू के बाद सभी यात्रियों को तुरंत चिकित्सीय जांच और इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि बेस कैंपों और अस्थायी आश्रयों में रुके पर्यटकों के लिए पौष्टिक भोजन, गर्म कपड़े और पीने के पानी का पर्याप्त प्रबंधन किया जाए।
राज्य की अतिथिसत्कार परंपरा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड आने वाला प्रत्येक तीर्थयात्री और पर्यटक हमारा अतिथि है। विषम परिस्थितियों में हर एक व्यक्ति की सुरक्षा और मदद करना राज्य सरकार का कर्तव्य है।”
उत्तरकाशी रेस्क्यू के अलावा मुख्यमंत्री ने हाल में हुई मूसलाधार बारिश से प्रदेश भर में हुए नुकसान की भी समीक्षा की। उन्होंने आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत राशि वितरित करने के आदेश दिए।
परिवहन व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग को बंद पड़ी मुख्य सड़कों को तुरंत खोलने और बारिश से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत का कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के इन आदेशों के बाद राज्य आपदा परिचालन केंद्र और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।

