देहरादून। दून शहर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले विकासनगर स्थित टिमली चेकपोस्ट पर परिवहन विभाग ने बाहरी राज्यों के वाहनों से ‘ग्रीन सेस’ की वसूली शुरू कर दी है। इस नई व्यवस्था से उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से उत्तराखंड आने वाले निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ेगा। परिवहन विभाग ने टिमली चेकपोस्ट पर अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए निर्धारित शुल्क दरों का बोर्ड लगा दिया है। राज्य की सीमा में प्रवेश करने वाले बाहरी पंजीकृत वाहनों को हर बार प्रवेश पर तय ग्रीन सेस देना होगा।
नियमों के तहत यह शुल्क केवल मालवाहक गाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूसरे राज्यों से आने वाली कार, कैब, बस, ट्रक और भारी निर्माण उपकरणों वाले वाहनों से भी वसूला जा रहा है। विभाग द्वारा तय नई दरों के अनुसार कार, मोटर कैब, मैक्स कैब और डिलीवरी वैन श्रेणी के वाहनों के लिए 80 रुपये प्रति प्रवेश का ग्रीन सेस तय किया गया है। वहीं 12 सीटों से अधिक क्षमता वाली बसों से 140 रुपये और हल्के मालवाहक वाहनों से 120 रुपये का शुल्क लिया जा रहा है। मध्यम व भारी माल वाहनों के लिए 250 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
भारी एक्सल वाले व्यावसायिक वाहनों के लिए सबसे अधिक दरें रखी गई हैं। 3 एक्सल वाले भारी वाहनों से 450 रुपये, 4 से 6 एक्सल वालों से 600 रुपये और 7 या उससे अधिक एक्सल वाले वाहनों से 700 रुपये का ग्रीन सेस लिया जा रहा है। परिवहन विभाग की इस अधिसूचना के लागू होने से जहां एक ओर सरकारी राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं सीमावर्ती चेकपोस्ट पर वाहनों की सख्त चेकिंग और निगरानी भी सुनिश्चित की जा रही है।

