देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित मुख्यमंत्री आवास में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक व प्रशासनिक गतिविधि के तहत मध्य प्रदेश सरकार के नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा राकेश शुक्ला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी विशेष रूप से मौजूद रहे। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु दोनों राज्यों के बीच जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं का आदान-प्रदान और भावी रणनीतियों पर समन्वय बनाना रहा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री के बीच हुई इस बैठक में कई समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। इस दौरान दोनों राज्यों में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक बेस्ट प्रैक्टिस को साझा करने पर सहमति बनी। दोनों ही राज्यों के प्रतिनिधियों ने माना कि अंतरराज्यीय सहयोग से विकास कार्यों को धरातल पर अधिक प्रभावी ढंग से उतारा जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण मुलाकात का सबसे प्रमुख पहलू स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा का क्षेत्र रहा। बैठक में नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों, नवाचारों और सतत विकास से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। दोनों राज्यों ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले समय में पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा ही विकास का मुख्य आधार बनेगी।
मध्य प्रदेश वर्तमान समय में सौर ऊर्जा और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रहा है। ऐसे में मध्य प्रदेश के इन सफल मॉडल्स और अनुभवों का लाभ उत्तराखंड को भी मिल सकता है। बैठक में दोनों राज्यों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी ज्ञान, नीतिगत समन्वय और नई संभावनाओं के लेन-देन को अत्यंत उपयोगी माना गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मध्य प्रदेश के मंत्री का स्वागत करते हुए दोनों राज्यों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से बेहद आत्मीय व सांस्कृतिक जुड़ाव रहा है। ऐसे में अलग-अलग क्षेत्रों में एक-दूसरे के अनुभवों का आदान-प्रदान दोनों राज्यों में विकास की गति को और अधिक तेज व जन-उपयोगी बनाने में मददगार साबित होगा।
इस बैठक के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि दोनों राज्य भविष्य में हरित ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के मुद्दों पर एक-दूसरे के साथ मिलकर काम करने के इच्छुक हैं। इससे न केवल ऊर्जा उत्पादन के नए विकल्प तैयार होंगे, बल्कि दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आम जनता को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

