Uttarakhand में निवेश और उद्योगों को मिलेगी नई रफ्तार, CM धामी का निवेशकों को बड़ा न्यौता

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नई दिल्ली। उत्तराखंड में औद्योगिक विकास और निवेश को नई रफ्तार मिल रही है। नई दिल्ली में आयोजित एक मीडिया कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से राज्य की औद्योगिक छवि में बड़ा बदलाव आया है। सरकार केवल एमओयू साइन करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि ठोस तैयारियों के दम पर निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारा गया है।

मुख्यमंत्री ने उद्योग जगत को उत्तराखंड में आमंत्रित करते हुए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों मारुति और हुंडई के शीर्ष प्रबंधन को राज्य में निवेश के लिए न्योता दिया। सीएम ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर में उद्योगों के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और राज्य की बेहतरीन कनेक्टिविटी निवेशकों के लिए सबसे बड़ी ताकत है।

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औद्योगिक विकास का लाभ सिर्फ मैदानी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में भी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी योजना के तहत पौड़ी, अल्मोड़ा और चमोली जिलों में नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जा रहे हैं, ताकि पहाड़ी इलाकों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।

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कार्यक्रम में सीएम धामी ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक सुधारों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि राज्य में देश का सबसे सख्त नकलरोधी कानून लागू कर नकल माफिया पर करारा प्रहार किया गया है, जिसके तहत करीब 100 दोषियों को जेल भेजा जा चुका है।

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पारदर्शी व्यवस्था के बूते ही पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में पारदर्शी तरीके से नौकरियां दी गई हैं। सरकार का सीधा लक्ष्य युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना और उत्तराखंड को देश का अग्रणी औद्योगिक राज्य बनाना है।

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