देहरादून। देहरादून में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर ई-चालान होने के बाद जुर्माना चुकाने में भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिससे राज्य के करीब 75 फीसदी लोग ई-चालान का जुर्माना चुका ही नहीं रहे हैं। देहरादून से विशेष संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, परिवहन विभाग के एनपीआर कैमरों के जरिए होने वाले ई-चालान में जुर्माना अदा होने की दर केवल 20 से 25 फीसदी ही है। ई-चालान की वसूली पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों के बाद अब राज्य सरकार पूरी तरह हरकत में आ गई है।
इस पूरे मामले पर गृह सचिव शैलेश बगोली ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर परिवहन नियमों के उल्लंघन पर कड़ाई से कार्रवाई शुरू करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने ई-चालान के प्रति बरती जा रही लापरवाही को लेकर सभी राज्यों को कड़े निर्देश दिए हैं। कोर्ट का साफ कहना है कि यदि कोई व्यक्ति बार-बार चालान होने के बावजूद जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसका वाहन भी सीज किया जा सकता है।
गृह विभाग के साथ ही परिवहन विभाग में भी इस मामले को लेकर सक्रियता काफी बढ़ गई है, जिससे ई-चालान सिस्टम की उच्च स्तर पर समीक्षा की जा रही है। रिकवरी की दर को तेजी से बढ़ाने के लिए अब पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। संयुक्त परिवहन आयुक्त राजीव मेहरा ने बताया है कि एनपीआर कैमरों से राज्य में ई-चालान की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, लेकिन रिकवरी की दर अभी 20 से 25 प्रतिशत तक ही सीमित है, जिस पर अब सख्ती से कार्रवाई शुरू की जा रही है।
राज्य में ई-चालान के आंकड़ों पर नजर डालें तो 23 अक्टूबर से मार्च 2024 के दौरान राज्य में कुल 90,551 ई-चालान किए गए थे। इसके बाद वर्ष 2024-25 के दौरान यह आंकड़ा बढ़कर 1,31,634 ई-चालान तक पहुंच गया था। वहीं, वर्ष 2025-26 में यह संख्या और अधिक तेजी से बढ़ी है।
इसके अलावा, इस वर्ष अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच के समय में कुल 1,98,725 ई-चालान किए जा चुके हैं। इन बढ़ते आंकड़ों के बावजूद जुर्माने की रकम जमा न होने से शासन स्तर पर चिंता बढ़ गई है। गृह सचिव शैलेश बगोली ने दो टूक कहा है कि ट्रैफिक नियमों के प्रति गंभीरता और जागरूकता दोनों ही बहुत जरूरी हैं, इसलिए पुलिस मुख्यालय को ट्रैफिक जांच को और अधिक बढ़ाने के सख्त निर्देश दे दिए गए हैं।
प्रशासन के इस कड़े रुख से उन वाहन चालकों पर सीधा असर पड़ेगा जो चालान कटने के बावजूद लंबे समय से जुर्माना भरने से बचते आ रहे हैं। आने वाले दिनों में वाहन सीज करने और विशेष रिकवरी अभियानों के जरिए बकायेदारों पर शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली गई है।

