उत्तराखंड में 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 पूरी, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा

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देहरादून। उत्तराखंड मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि प्रदेश में अब तक कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 घोषणाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की जा चुकी हैं। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि बची हुई लंबित घोषणाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।

आंकड़ों का ब्योरा देते हुए बताया गया कि 11 अगस्त 2026 को हुई पिछली समीक्षा बैठक में बिना कार्यवाही के लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है। कुल 1759 लंबित मामलों में से 1397 पर विभिन्न स्तरों पर तेजी से काम चल रहा है, जबकि 447 घोषणाओं को निरस्त या अन्य योजनाओं में मर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की गई है।

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बैठक में मुख्य सचिव ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यमुनोत्री धाम के पूरे ट्रेक रूट के सुधारीकरण की विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटन विभाग और संबंधित अफसरों को अगले 15 दिनों के भीतर इस प्रोजेक्ट का विस्तृत प्रेजेंटेशन पेश करने और यमुनोत्री मार्ग के लिए वैकल्पिक रास्तों की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा।

प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर के मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी कोक तक प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट के निर्माण कार्य को आवास विभाग से हटाकर पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही पौड़ी में मल्टीस्टोरी पार्किंग से संबंधित आवास विभाग को भेजे गए प्रस्तावों पर भी त्वरित फैसला लेने के आदेश दिए गए।

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कृषि और बागवानी क्षेत्र को राहत देने के लिए मुख्य सचिव ने कोल्ड स्टोरेज निर्माण पर नई नीतिगत बात कही। उन्होंने कहा कि अनुपयुक्त सरकारी जमीनों पर कोल्ड स्टोरेज बनाने के बजाय आवश्यकतानुसार उपयुक्त निजी भूमि खरीदकर आधुनिक कोल्ड स्टोरेज बनाए जाएं, ताकि फलों के भंडारण का सही लाभ किसानों को मिल सके।

इसी तर्ज पर मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क जैसी नागरिक सुविधाओं के विकास पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जहां सरकारी भूमि उपलब्ध न हो, वहां निजी जमीन खरीदकर पार्कों का निर्माण कराया जाए। साथ ही, ईको पार्क जैसी संपत्तियों के निर्माण से पहले ही उनके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था तय करने के निर्देश दिए।

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योजनाओं में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि भूमि हस्तांतरण जैसे अंतर-विभागीय मुद्दों को सुलझाने के लिए अफसर आपस में निरंतर संवाद बनाए रखें। उन्होंने कार्यों में तेजी लाने के लिए समानांतर प्रक्रिया अपनाने और प्रगति रिपोर्ट को मुख्यमंत्री घोषणा पोर्टल पर लगातार अपडेट करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में तय करते हुए सभी सचिवों और अपर सचिवों को व्यक्तिगत रूप से मॉनिटरिंग करने को कहा। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. आर. राजेश कुमार सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।