देहरादून। उत्तराखंड की आगामी राज्यसभा सीट के लिए भारतीय जनता पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर केंद्रीय हाईकमान को भेज दिया है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि की है। दिल्ली में भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अब अंतिम नाम पर मुहर लगाएगा, जिसके बाद प्रत्याशी की आधिकारिक घोषणा की जाएगी।
राज्यसभा प्रत्याशी के नाम पर सहमति बनाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और संगठन महामंत्री फणीश्वरनाथ शर्मा के बीच गहन मंथन हुआ। सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में सामने आए करीब 25 दावेदारों में से प्राथमिक स्तर पर 9 नामों की छंटनी कर दी गई है। जिन नेताओं के नाम लिस्ट से हटाए गए हैं, उन्हें संगठन में अन्य जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
विधानसभा में प्रचंड बहुमत होने के कारण भाजपा प्रत्याशी की जीत तय मानी जा रही है, इसीलिए इस बार दावेदारों की संख्या काफी अधिक रही। सूत्रों का कहना है कि पार्टी इस बार भी कोई राजनीतिक रूप से चौंकाने वाला नाम सामने ला सकती है। आगामी चुनावी वर्ष को ध्यान में रखते हुए जातीय, क्षेत्रीय, महिला, युवा और अल्पसंख्यक समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की जा रही है।
दूसरी तरफ, विधानसभा में संख्या बल कम होने के बावजूद कांग्रेस पार्टी मैदान छोड़ने को तैयार नहीं है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने साफ किया कि लोकतंत्र में चुनाव लड़ना महत्वपूर्ण होता है, केवल संख्या बल ही सब कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्यसभा चुनाव में भाग लेने को लेकर केंद्रीय हाईकमान से दिशानिर्देश मांगे गए हैं।
उल्लेखनीय है कि उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है, जिससे यह सीट खाली हो रही है। चुनाव आयोग की अधिसूचना के मुताबिक, इस सीट के लिए 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन शाम को मतगणना के बाद नतीजों की घोषणा कर दी जाएगी।

