देहरादून। उत्तराखंड परिवहन निगम ने पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों, तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत देते हुए पहाड़ों से देहरादून और दिल्ली के लिए 30 सीटर एसी बसों के संचालन की योजना बनाई है। रोडवेज के महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने सभी आरएम और एआरएम को पत्र भेजकर संभावित रूटों, बसों की मांग और किराये का ब्योरा तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रदेश के पर्वतीय मार्गों पर अब तक एसी बसों की सेवा उपलब्ध नहीं थी, जिससे लंबी दूरी के सफर में यात्रियों को असुविधा होती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम ने पर्वतीय शहरों, प्रमुख धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों से सीधे देहरादून व दिल्ली के लिए 30 सीटर छोटी वातानुकूलित बसें चलाने का खाका तैयार किया है।
जीएम संचालन क्रांति सिंह ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने इलाकों में उन मार्गों की सूची बनाएं जहां एसी बस संचालन की संभावना या मांग है। इसके साथ ही, इन रूटों पर चल रही निजी एसी बसों, टैक्सियों व मैक्स गाड़ियों के किराये की जानकारी भी मांगी गई है, ताकि रोडवेज यात्रियों को उनसे बेहतर और किफायती किराया दे सके।
मुख्यालय ने अधिकारियों से यह भी स्पष्ट रिपोर्ट मांगी है कि किस रूट पर यात्रियों की संख्या के हिसाब से कितनी एसी बसों की जरूरत होगी। अधिकारियों द्वारा जमीनी सर्वे का ब्योरा भेजने के बाद निगम प्रशासन रूट वाइज बसों का अंतिम टाइम-टेबल और किराया तय करेगा।
पहाड़ों में सरकारी एसी बसों के चलने से न केवल आम जनता की यात्रा आरामदायक होगी, बल्कि चारधाम यात्रा और पर्यटन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित विकल्प मिलेगा। निजी वाहनों पर निर्भर रहने वाले यात्रियों को अब कम खर्च में सुगम रोडवेज सेवा का लाभ मिल सकेगा।

