देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत निर्वाचन आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य में 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद अब आम जनता को 13 अगस्त तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा दी गई है। जिन नागरिकों का नाम इस ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं है, वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं विवरण में किसी तरह के सुधार के लिए फॉर्म-8 और अपात्र नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 की व्यवस्था की गई है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान प्रदेश भर में करीब 19 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा लगभग 5 लाख मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनका सत्यापन पूरा नहीं हो सका है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे सभी मामलों का निस्तारण पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है ताकि कोई भी पात्र नागरिक वोट देने के अधिकार से वंचित न रहे।
दफ्तरों के चक्कर नहीं काटेंगे मतदाता, बूथ पर ही होगी सुनवाई
चुनाव आयोग ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए साफ किया है कि नोटिस पाने वाले या आवेदन करने वाले किसी भी मतदाता को सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। सभी मामलों के निस्तारण के लिए बीएलओ संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मौजूद रहेंगे। जरूरत पड़ने पर सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी खुद बूथ पर पहुंचकर व्यक्तिगत सुनवाई करेंगे।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, दावे-आपत्तियों और सुनवाई की पूरी प्रक्रिया को स्थानीय स्तर पर ही संपन्न कराया जाएगा। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों को उनके निर्धारित मतदान केंद्र के भीतर ही सभी सुविधाएं मिलेंगी। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के निवासियों को किसी परेशानी के बिना त्रुटिरहित मतदाता सूची में शामिल किया जा सके।
वहीं मतदाता सूची में संशोधन या नए नाम जोड़ने के लिए फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि 13 अगस्त निर्धारित की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने योग्य नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने बीएलओ से संपर्क कर या निर्धारित केंद्रों पर अपने आवश्यक फॉर्म जमा करा दें।

