देहरादून। देहरादून में ग्राम्य विकास विभाग ने ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना 2.0’ के तहत युवाओं के लिए बड़े अवसर का ऐलान किया है। इस बार विभाग राज्य के 26,696 युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण प्रदान करेगा। सरकार की नीतियों के अनुसार इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में समाज के सभी प्रमुख वर्गों के युवक-युवतियों के लिए आरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है।
योजना के तहत महिलाओं के लिए सबसे बड़ा कोटा निर्धारित करते हुए 33 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति के युवाओं को 19 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति के युवाओं को 3 प्रतिशत का आरक्षण मिलेगा। वहीं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं।
आरक्षित वर्ग के आवेदकों के लिए आयु सीमा में भी विशेष राहत दी गई है। जहां सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए आवेदन की आयु सीमा 18 से 35 वर्ष तय की गई है, वहीं महिला, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थी 45 वर्ष की आयु तक इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकेंगे। योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
पात्रता नियमों के अनुसार, इस योजना का लाभ मुख्य रूप से बीपीएल और अंत्योदय अन्न योजना कार्ड धारक परिवारों के युवाओं को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिन युवाओं ने ‘जी राम जी’ योजना के तहत कम से कम 15 दिनों का कार्य पूरा किया है, वे भी इस प्रशिक्षण के लिए पूरी तरह पात्र होंगे।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों से जुड़े परिवारों के सदस्य भी इसमें आवेदन कर सकते हैं। इन परिवारों के युवाओं को निशुल्क कौशल प्रशिक्षण देकर सीधे रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा।

