उत्तराखंड रोडवेज: बसों में मुफ्त सफर का ऐलान जीओ में फंसा, रोज हो रहा विवाद

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देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा रक्षाबंधन पर 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा अब विवाद का कारण बन गई है। सरकार द्वारा 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर दी गई यह सौगात हफ्तों बीत जाने के बाद भी शासनादेश न मिलने के कारण अटक गई है।

शासनादेश जारी न होने से रोडवेज के चालक और परिचालक बुजुर्ग महिलाओं से बस का पूरा किराया वसूल कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मुफ्त यात्रा की घोषणा की जानकारी होने के कारण कई बुजुर्ग महिलाएं टिकट लेने से साफ इनकार कर रही हैं। इसके चलते रोजाना बसों में परिचालकों और महिला यात्रियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक देखने को मिल रही है।

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बस के भीतर रोज-रोज हो रही इस कहासुनी के कारण सफर कर रहे अन्य यात्रियों को भी भारी असुविधा उठानी पड़ रही है। परेशान यात्री अपनी शिकायतें दर्ज कराने के लिए अब उत्तराखंड रोडवेज के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर रहे हैं। हाल ही में काशीपुर से देहरादून यात्रा के दौरान अभद्रता से क्षुब्ध होकर देहरादून निवासी लक्ष्मी देवी ने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।

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महिला का आरोप है कि आधार कार्ड दिखाने पर कंडक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और बस से उतारने की धमकी दी। महिला यात्री ने सरकार से मांग की है कि योजना का जीओ जल्द जारी किया जाए या घोषणा वापस ली जाए, ताकि बुजुर्गों का अपमान न हो। मामले पर उत्तराखंड रोडवेज के महाप्रबंधक क्रांति सिंह ने स्पष्ट किया कि शासन से अभी 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए जीओ प्राप्त नहीं हुआ है।

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उन्होंने कहा कि जैसे ही आधिकारिक आदेश मिलेगा, पात्र बुजुर्ग महिलाओं को योजना का लाभ देना तुरंत शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में रोडवेज में केवल 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को ही मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

इसी बीच रोडवेज अधिकारियों ने बताया कि पहाड़ी मार्गों पर कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जल्द ही नई बसें चलाई जाएंगी। पर्वतीय रूटों के लिए 59 नई बसों की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जल्द ही इन्हें रोडवेज के बेड़े में शामिल कर दिया जाएगा।