देहरादून। उत्तराखंड के राजकीय कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे नर्सिंग और पैरामेडिकल इंटर्न छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत बीएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल के लिए अलग-अलग मानदेय तय कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। इस फैसले से 10 राजकीय नर्सिंग कॉलेजों के 516 बीएससी नर्सिंग छात्रों के साथ-साथ पैरामेडिकल इंटर्न को सीधा फायदा पहुंचेगा।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, नर्सिंग और पैरामेडिकल छात्रों के स्टाइपेंड से जुड़ें दोनों प्रस्ताव क्रमशः 16 सितंबर और 18 सितंबर को शासन की मंजूरी के लिए भेज दिए गए हैं। इन दोनों ही प्रस्तावों पर अब शासन और विभागीय मंत्री के स्तर से अंतिम निर्णय लिया जाना है। जैसे ही शासन से हरी झंडी मिलेगी और शासनादेश जारी होगा, छात्रों को प्रतिमाह मानदेय मिलना शुरू हो जाएगा।
भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर तैयार किए गए प्रस्ताव में 10 राजकीय नर्सिंग कॉलेजों के 516 बीएससी नर्सिंग छात्र-छात्राओं को छह महीने की इंटर्नशिप के दौरान 13,150 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड देने की सिफारिश की गई है। यह प्रस्ताव 16 सितंबर को शासन को भेजा गया था।
वहीं, 18 सितंबर को भेजे गए दूसरे प्रस्ताव में देहरादून, श्रीनगर, हल्द्वानी और अल्मोड़ा के राजकीय मेडिकल कॉलेजों के पैरामेडिकल छात्रों को स्टाइपेंड देने का खाका तैयार किया गया है। राष्ट्रीय आयोग के निर्देशों के तहत बीएमआरआईटी छात्रों को 7,000 रुपये और बीएमएलटी के छात्रों को 15,000 रुपये प्रतिमाह तक स्टाइपेंड देने का जिक्र है। बीओटीटी पाठ्यक्रम का स्टाइपेंड विश्वविद्यालय स्तर पर तय किया जाएगा।
गौरतलब है कि इंटर्नशिप के दौरान जायज मानदेय की मांग को लेकर जूनियर नर्सिंग छात्रों के समर्थन में ‘नर्सिंग एकता मंच’ ने मोर्चा खोला था। मंच का आरोप था कि हक की आवाज उठाने पर छात्रों को निलंबन जैसी कार्रवाइयों की धमकियां दी जा रही थीं। मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने चेतावनी दी थी कि अगर जल्द सकारात्मक फैसला न हुआ तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
निदेशालय द्वारा प्रस्ताव शासन में भेजे जाने के बाद अब छात्रों और ‘नर्सिंग एकता मंच’ की निगाहें शासन के अंतिम निर्णय पर टिक गई हैं। मंच के पदाधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक आधिकारिक शासनादेश जारी नहीं हो जाता, तब तक वे छात्रों के अधिकारों के लिए अपनी आवाज बुलंद रखते रहेंगे।

