उत्तराखंड चुनाव 2027: भाजपा माइक्रो इंजीनियरिंग से जीतेगी चुनावी रण

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उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव में बेहद कम समय बचा है। वहीं सत्ताधारी भाजपा ने पार्टी की नीतियों और योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए बेहद खास प्लान बनाया है। सूत्रों के अनुसार भाजपा ने 82 नेताओं को चयनित कर उन्हें दायित्व सौंपे हैं। भाजपा इन नेताओं की जिम्मेदारी तय करके इनका इस्तेमाल 2027 विधानसभा चुनाव में करने वाली है।

सर्वविदित है कि भाजपा चुनावी धुव्रीकरण को साधने के लिए ऐड़ी से चोटी तक का जोर पूरी सूझ-बूझ से लगाती है और इसे ही भाजपा की माइक्रो इंजीनियरिंग कहा जाता है। बहरहाल, भाजपा ने उत्तराखंड के चुनावी रण को भेदने के लिए धरातल से जुड़े ऐसे 82 नेताओं का चयन किया है जिनकी अपने क्षेत्र में बेहद मजबूत पकड़ और पहचान है। इनमें कुछ नेता ऐसे भी हैं जो पिछले दिनों दूसरे दलों से भाजपा में आए और संगठन ने उन्हें महत्व दिया।

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बता दें कि 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने उत्तराखंड में दो स्तर के सर्वे कराए हैं, स्पष्ट है कि भाजपा चुनावी रण में पूरी तैयारी के साथ उतरने जा रही है, इसलिए पार्टी किसी भी स्तर पर कोई भी चूक नहीं करना चाहती। यही कारण भी है कि दायित्वधारियों के चयन में भी उन क्षेत्रों को भी फोकस में लिया गया, जहां संगठन खुद को थोड़ा कमतर महसूस कर रहा था। साफ है कि जहां कमजोर होंगे, वहां ये दायित्वधारी सरकार और संगठन के सच्चे सिपाही बनकर खड़े होंगे।

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भाजपा की रणनीति के अनुसार, चयनित किए गए सभी दायित्वधारी अपने-अपने विभागों की योजनाओं की खूबियां और उनसे हो रहे लाभ की सूची लेकर जनता के बीच पहुंचेंगे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जितना अधिक हो सके जनता को उतना लाभ पहुंचाएं। इसके बाद संगठन की ओर से इन दायित्वधारियों के लिए चुनावी टास्क भी तैयार किए गए हैं जिन्हें सही वक्त आने पर ही ओपन किया जाएगा।

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भाजपा प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने कहा है कि यह दायित्वधारी सराकर और संगठन के बीच सेतु का काम करेंगे, क्योंकि जितना लाभ जनता तक पहुंचाया जाएगा, पार्टी की स्थिति उतनी ही अधिक मजबूत होगी।

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