देहरादून। बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी राम माधव ने आगामी विधानसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक का रोडमैप पेश किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार द्वारा चलाई जा रही नीतियां और जनहित योजनाएं ही पार्टी की जीत का मुख्य आधार बनेंगी. इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश के कई कैबिनेट मंत्री, पार्टी पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक को आगे बढ़ाते हुए राम माधव ने महाभारत के कर्ण पर्व का एक कम चर्चित और अनूठा प्रसंग साझा किया, जिसके जरिए उन्होंने कार्यकर्ताओं को अनुशासन और एकता का कड़ा पाठ पढ़ाया. उन्होंने बताया कि किस प्रकार महाभारत युद्ध के दौरान युधिष्ठिर और अर्जुन के बीच उपजे तनाव को भगवान श्री कृष्ण ने समय रहते नियंत्रित कर लिया था। इस पौराणिक प्रसंग के माध्यम से उन्होंने संदेश दिया कि राजनीतिक सफर में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संगठन की एकता और आपसी समन्वय के आगे किसी भी प्रकार का व्यक्तिगत अहंकार या मनमुटाव टिकना नहीं चाहिए।
कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारियों की दिशा देते हुए उन्होंने आह्वान किया कि सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं का संदेश समाज के हर वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचना चाहिए. उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि देश के कई राज्यों में बीजेपी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर चुकी है, और अब कार्यकर्ताओं को उत्तराखंड को भी ऐसा आठवां राज्य बनाकर नया कीर्तिमान स्थापित करना होगा. इसके लिए चुनावी मैदान में पहली बार चुनाव लड़ने जैसी आक्रामक और अनुशासित मानसिकता के साथ उतरना जरूरी है।
कार्यक्रम में मौजूद पार्टी की प्रदेश सह-प्रभारी बांसुरी स्वराज ने युवाओं और समाज को जातियों व वर्गों के आधार पर बांटने वाली ताकतों पर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे सरकार का रिपोर्ट कार्ड लेकर सीधे जनता के बीच जाएं और अपनी मेहनत के बलबूते चुनावी जमीन को मजबूत करें। बांसुरी स्वराज ने साफ कहा कि चुनाव जीतने का सबसे अचूक मंत्र केवल एक मजबूत बूथ है, क्योंकि मजबूत बूथ ही पार्टी को 36 सीटों के बहुमत से उठाकर 63 सीटों तक का सफर तय करवा सकता है।
संगठन स्तर की व्यूह रचना पर चर्चा करते हुए महामंभी संगठन फणीनाथ शर्मा ने भी चुनावी तंत्र को धार देने पर जोर दिया. इस दौरान उत्तराखंड की पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं ने पारंपरिक तरीके से बांसुरी स्वराज का स्वागत किया, जिसके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उन्होंने महिलाओं के पैर छूकर आशीर्वाद लिया. पार्टी के इन दिग्गजों के बयानों और सांगठनिक बैठकों से यह साफ हो गया है कि बीजेपी ने उत्तराखंड के चुनावी रण में अपनी रणनीतिक तैयारियां अभी से पूरी ताकत के साथ शुरू कर दी हैं।

