22 करोड़ के गबन मामले में हाईकोर्ट सख्त: पुलिस रिपोर्ट अस्पष्ट घोषित,CBI से सील बंद लिफाफे में मांगी राय

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नैनीताल। नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के खिलाफ दर्ज 22 करोड़ रुपए के कथित गबन और भ्रष्टाचार के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। धीरज भंडारी की तरफ से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने स्थानीय पुलिस की जांच रिपोर्ट को पूरी तरह अस्पष्ट करार दिया है। इस मामले में सीबीआई और बीसीसीआई को भी पक्षकार बनाया गया है तथा अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को तय की गई है।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष हुई इस सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस अधीक्षक सर्किल डोईवाला देहरादून अनिल कुमार जोशी की रिपोर्ट पर गहरी नाराजगी जताई। इस रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक मामले में कोई वित्तीय अनियमितता नहीं पाई गई है।

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हाईकोर्ट ने पुलिस की इस रिपोर्ट को सतही और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि 15 नवंबर 2024 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को दी गई मूल शिकायत पर कोई ठोस चर्चा या जांच नहीं की गई थी। पुलिस की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने अब इस पूरे मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की एंट्री का आदेश दिया है।

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अदालत ने सीबीआई को निर्देश दिया है कि वह इस याचिका के पूरे रिकॉर्ड, मूल शिकायत और प्रतिवादियों के दस्तावेजों का बारीकी से अध्ययन करे। इसके बाद सीबीआई अपने वरिष्ठ अधिवक्ता के माध्यम से इन आरोपों पर अपनी विस्तृत राय एक सीलबंद लिफाफे में अदालत के समक्ष पेश करेगी।

इसी बीच, नैनीताल हाईकोर्ट से जुड़ी अन्य कानूनी अपडेट्स के तहत अदालत ने खानपुर विधायक उमेश कुमार के आवास पर हुई फायरिंग के मामले में भी अहम कदम उठाया है। इस मामले में अदालत की सहायता के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता पीयूष गर्ग को एमिकस क्यूरी (न्यायमित्र) नियुक्त किया गया है।

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न्यायपालिका से जुड़ी एक अन्य सूचना के अनुसार, उत्तराखंड हाईकोर्ट के अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस सुभाष उपाध्याय आगामी 5 अक्टूबर 2026 को हाईकोर्ट के स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ लेंगे। मुख्य न्यायाधीश की अदालत में सुबह दस बजे होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह के कारण हाईकोर्ट की सभी अदालतें सुबह 11 बजे से बैठेंगी।